राहुल गांधी के पुणे कार्यक्रम पर फडणवीस का दावा, ‘कांग्रेस नेताओं के कॉलेज की छात्राओं को ही प्रवेश’

    20-Aug-2026
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- ‘ओपन इवेंट होता तो सही मायने में छात्र संवाद होता’ : फडणवीस

CM FadnavisImage Source:(Internet)
 
नागपुर। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Fadnavis) ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के पुणे में होने वाले कार्यक्रम को लेकर बड़ा दावा किया है। फडणवीस ने कहा कि राहुल गांधी के कार्यक्रम में केवल कांग्रेस नेताओं द्वारा संचालित कॉलेजों की छात्राओं का ही रजिस्ट्रेशन करने और उन्हें कार्यक्रम में लाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह जानकारी उन्हें मिली है। फडणवीस गुरुवार को नागपुर में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का कार्यक्रम यदि वास्तव में छात्रों से संवाद के लिए है तो इसे सभी विद्यार्थियों के लिए खुला रखा जाना चाहिए था। ‘छात्रों की गूंज’ के नाम से होने वाला यह कार्यक्रम राहुल गांधी का राजनीति में अपनी जगह तलाशने का प्रयास है या कुछ और, यह उन्हें नहीं पता। हालांकि, उन्होंने कहा कि इन छात्राओं से राहुल गांधी संवाद करेंगे तो भी उन्हें खुशी होगी।
 
‘सभी युवाओं से संवाद करते तो ज्यादा अच्छा होता’
फडणवीस ने कहा कि राहुल गांधी को बिना किसी राजनीतिक या संस्थागत सीमा के सभी युवाओं से संवाद करना चाहिए था। उनके अनुसार, अगर कार्यक्रम ओपन होता और अलग-अलग कॉलेजों के छात्र इसमें शामिल होते, तो इसे वास्तविक छात्र संवाद कहा जा सकता था। उन्होंने दावा किया कि उनके पास जो जानकारी है, उसके मुताबिक कांग्रेस नेताओं द्वारा संचालित कॉलेजों की छात्राओं का ही रजिस्ट्रेशन कराया जा रहा है और उन्हें कार्यक्रम में लाया जाएगा। फडणवीस ने तंज कसते हुए कहा कि ये भी अपने ही बच्चे हैं और उनसे राहुल गांधी बातचीत करेंगे तो इसमें भी उन्हें खुशी है। उनके इस बयान के बाद राहुल गांधी के पुणे कार्यक्रम को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में बयानबाजी तेज होने के आसार हैं।
 
‘वंदे मातरम पर कांग्रेस का प्रस्ताव संविधान विरोधी’
फडणवीस ने कांग्रेस द्वारा ‘वंदे मातरम’ को लेकर पारित प्रस्ताव पर भी कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इसे संविधान विरोधी बताते हुए कहा कि अब भारत में ब्रिटिश शासन नहीं है। स्वतंत्र भारत की संसद द्वारा लिया गया निर्णय संवैधानिक होता है और उसे स्वीकार नहीं करने की बात करना उचित नहीं है। फडणवीस ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की इस भूमिका से यह संकेत मिलता है कि वह गुलामी की परंपरा को बनाए रखना चाहती है। उन्होंने कहा कि देश की संसद द्वारा लिए गए निर्णय को नहीं मानने की कांग्रेस की नीति उसके पुराने दृष्टिकोण को दर्शाती है। इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव और बढ़ने की संभावना है।
 
लाडकी बहिन योजना पर फडणवीस की सफाई
मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना’ को लेकर भी सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि योजना शुरू होने के शुरुआती दो-चार महीनों में इतनी बड़ी संख्या में लाभार्थियों की जांच करना संभव नहीं था। इसके बाद जांच प्रक्रिया शुरू की गई और ई-केवाईसी को इसका महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया। फडणवीस के मुताबिक करीब **1 करोड़ 65 लाख महिलाओं** ने ई-केवाईसी पूरा किया है और पात्र पाए जाने के बाद उन्हें योजना का लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कई महिलाओं को बाद में पता चला कि उनके परिवार में आयकरदाता सदस्य हैं, जबकि आयकर भरने वाले परिवार योजना के लिए पात्र नहीं हैं। नियमों के खिलाफ लाभ लेने वाले पुरुष लाभार्थियों से राशि की वसूली की जा रही है। कुछ सरकारी कर्मचारियों द्वारा भी आवेदन किए जाने पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। फडणवीस ने दावा किया कि अब योजना के लाभार्थियों का आंकड़ा **100 प्रतिशत सत्यापित** है और पात्र महिलाओं को सरकार के कार्यकाल तक योजना का लाभ मिलता रहेगा।