- स्कूल-कॉलेजों में अवकाश
- मुख्यमंत्री की चेतावनी के बाद प्रशासन हाई अलर्ट पर
- 300 मिमी तक बारिश की आशंका

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नाशिक। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा नासिक जिले में एक दिन में 300 मिलीमीटर तक रिकॉर्ड बारिश और क्लाउडबर्स्ट जैसी स्थिति बनने की चेतावनी के बाद पूरा जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर आ गया है। 7 जुलाई को नासिक, त्र्यंबकेश्वर, इगतपुरी और नासिक-त्र्यंबकेश्वर कॉरिडोर सहित पेठ तालुका में अत्यधिक वर्षा की संभावना को देखते हुए जिला कलेक्टर आयुष प्रसाद ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपात प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई महत्वपूर्ण निर्णयों की घोषणा की। ग्रामीण पुलिस अधीक्षक डी.एस. स्वामी तथा जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में कलेक्टर ने कहा कि नागरिकों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की है।
स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी
संभावित प्राकृतिक आपदा को देखते हुए त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर और सप्तशृंगी गढ़ मंदिर को सोमवार रात से लेकर अगले दिन तक श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह बंद रखने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सप्तशृंगी क्षेत्र में अनुमानित वर्षा अपेक्षाकृत कम होने के बावजूद एहतियात के तौर पर मंदिर बंद रहेगा। इसके अलावा पेठ, डिंडोरी, नासिक ग्रामीण, त्र्यंबकेश्वर और इगतपुरी तालुकों के सभी स्कूलों और कॉलेजों में अवकाश घोषित किया गया है। इन क्षेत्रों के साप्ताहिक बाजार भी स्थगित कर दिए गए हैं। किसानों से भी अपील की गई है कि वे मंगलवार को खेतों में काम करने के लिए न जाएं और घरों में ही सुरक्षित रहें। कुछ संवेदनशील मार्गों को पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
भूस्खलन संभावित गांवों पर विशेष नजर
जिला प्रशासन ने बताया कि नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है, इसलिए नदी पात्रों में मौजूद अवरोधों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थित पशु आश्रयों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। जिन गांवों में भूस्खलन या चट्टान गिरने की आशंका है, वहां पहले ही अलर्ट जारी कर दिया गया है। जलप्रपातों, छोटे पुलों और कॉजवे पर विशेष सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे। इगतपुरी रेलवे प्रशासन को भी मौसम की गंभीर स्थिति से अवगत करा दिया गया है। इस बीच वन विभाग ने भी बड़ा कदम उठाते हुए दुगारवाड़ी जलप्रपात, हरिहर किला और पाहिने सहित नासिक जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों को अगले आदेश तक पर्यटकों के लिए बंद कर दिया है। नागरिकों से किलों, झरनों और अन्य पर्यटन स्थलों पर जाने से पूरी तरह बचने की अपील की गई है।
आपात स्थिति में 112 और 108 पर करें संपर्क
कलेक्टर आयुष प्रसाद ने बताया कि जिला प्रशासन आज रात से लेकर अगले दो दिनों तक पूर्ण सतर्कता की स्थिति में रहेगा। त्र्यंबकेश्वर के कुछ गांवों की ओर जाने वाले मार्ग बंद रखे जाएंगे तथा कमजोर भवनों और पशु शेडों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों से 112 और 108 हेल्पलाइन नंबरों पर तुरंत संपर्क करने की अपील की गई है। जिन गर्भवती महिलाओं की प्रसूति अगले दो-तीन दिनों में संभावित है, उन्हें एहतियातन पहले ही अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी गई है। समृद्धि महामार्ग पर वाहन चालकों को गति सीमा का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पुलिस, आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय निकाय पूरी तरह सक्रिय हैं तथा आवश्यकता पड़ने पर सेना की सहायता भी ली जाएगी। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों से बचने, प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और इस आपदा जैसी स्थिति में सहयोग करने की अपील की है।