कंट्रोल रूम से शिकायतकर्ताओं को आएगा कॉल, FIR दर्ज करने की पूरी प्रक्रिया पर होगी निगरानी
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नागपुर पुलिस (Nagpur Police) आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल ने पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक नई पहल शुरू की है। इस अनूठी व्यवस्था के तहत अब शहर के विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज होने वाली एफआईआर (FIR) की प्रक्रिया पर सीधे नागरिकों से फीडबैक लिया जाएगा। नई प्रणाली के अनुसार पुलिस कंट्रोल रूम से शिकायतकर्ताओं को फोन कर यह जानकारी ली जाएगी कि उनकी एफआईआर दर्ज करने में किसी प्रकार की देरी तो नहीं हुई, कहीं अपराध की गंभीरता को कम करके दर्ज करने का प्रयास तो नहीं किया गया या फिर मामले को दबाने अथवा लीपापोती करने की कोशिश तो नहीं हुई। इसके अलावा यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि शिकायतकर्ता को कानून के अनुसार एफआईआर की निःशुल्क प्रति उपलब्ध कराई गई या नहीं। अधिकारियों का मानना है कि यह व्यवस्था पुलिस कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने के साथ-साथ नागरिकों का विश्वास भी मजबूत करेगी।
रोजाना वरिष्ठ अधिकारियों के सामने रखी जाएगी रिपोर्ट
नई व्यवस्था के तहत कंट्रोल रूम के अधिकारी शिकायतकर्ताओं से यह भी पूछेंगे कि घटनास्थल पर कौन-कौन से पुलिसकर्मी पहुंचे थे और किस अधिकारी ने उनकी शिकायत पर कार्रवाई की। प्राप्त फीडबैक को दैनिक अपराध रिपोर्ट का हिस्सा बनाया जाएगा और इसे वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष समीक्षा के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल ने इस व्यवस्था का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराई गई या प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया, तो इसे विभागीय आदेशों का उल्लंघन माना जाएगा और संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार यह व्यवस्था प्रक्रियागत लापरवाही को रोकने और पुलिस थानों की कार्यप्रणाली पर नियमित निगरानी रखने में प्रभावी साबित होगी।
नागरिक केंद्रित पुलिसिंग की दिशा में एक और कदम
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह पहल आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल की 'सिटिजन सेंट्रिक, टेक्नोलॉजी आधारित और जवाबदेह पुलिसिंग' की व्यापक सोच का हिस्सा है। उनका मानना है कि कंट्रोल रूम और शिकायतकर्ता के बीच सीधा संवाद नागरिकों को यह भरोसा देगा कि उनकी शिकायतों पर उच्च स्तर पर निगरानी रखी जा रही है और जांच किसी भी स्तर पर प्रभावित नहीं होगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार यह फीडबैक केवल पुलिस थानों के प्रदर्शन का मूल्यांकन ही नहीं करेगा, बल्कि अधिकारियों की कार्यक्षमता का आकलन करने में भी उपयोगी होगा। उल्लेखनीय है कि वर्तमान पुलिस नेतृत्व के दौरान रात में सघन नाकाबंदी अभियान, एआई आधारित अपराध जांच, वरिष्ठ अधिकारियों की फील्ड में बढ़ी मौजूदगी तथा प्रतिदिन दोपहर 3 से 5 बजे तक आयोजित जनसुनवाई जैसी कई सुधारात्मक पहलें पहले ही लागू की जा चुकी हैं। नई फीडबैक प्रणाली को इन्हीं प्रयासों की अगली कड़ी माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और भरोसेमंद पुलिस सेवा उपलब्ध कराना है।