जंतर-मंतर प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस करेगी बड़ा खुलासा! सोशल मीडिया पर वायरल दावों पर देगी सफाई

    25-Jul-2026
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- 'भ्रामक जानकारी' पर पुलिस का जवाब
- प्रेस कॉन्फ्रेंस में रखेगी अपना पक्ष

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नई दिल्ली। NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन के बीच दिल्ली पुलिस शनिवार को मीडिया को संबोधित करेगी। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर प्रदर्शन से जुड़े कई भ्रामक और गलत दावे प्रसारित किए जा रहे हैं, जिन पर तथ्यों के साथ अपना पक्ष रखा जाएगा। दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रेस ब्रीफिंग में आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं, कानून-व्यवस्था की स्थिति और पुलिस की कार्रवाई को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया जाएगा। केंद्रीय जिले के पुलिस उपायुक्त (DCP) रोहित राजबीर सिंह मीडिया को संबोधित करेंगे। पुलिस का कहना है कि उद्देश्य अफवाहों पर विराम लगाना और घटनाक्रम की आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक करना है।

130 पुलिसकर्मी और 65 छात्र घायल, 15 एफआईआर दर्ज
दिल्ली पुलिस के अनुसार, 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक निकाले गए 'संसद चलो' मार्च के दौरान हिंसा भड़कने से कम से कम 130 पुलिसकर्मी और करीब 65 छात्र घायल हुए। घटना के संबंध में अब तक 15 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने पथराव किया और हिंसा भड़काने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज किया गया। इस घटना के बाद जंतर-मंतर और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आंदोलन स्थल और आसपास के क्षेत्रों में प्रतिदिन औसतन लगभग 10 हजार लोगों की मौजूदगी दर्ज की जा रही है। भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए करीब 3,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है।

2,000 से अधिक लोगों की पहचान का दावा
दिल्ली पुलिस ने बताया कि जंतर-मंतर आने वाले लोगों की निगरानी के लिए फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) का उपयोग किया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, इस तकनीक की मदद से ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है जिनका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और जो प्रदर्शन स्थल पर पहुंच रहे हैं। पुलिस सूत्रों का दावा है कि अब तक 2,000 से अधिक ऐसे व्यक्तियों की पहचान की जा चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संभावित अव्यवस्था को रोकने के लिए प्रदर्शन स्थल के आसपास गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी संसाधनों और अतिरिक्त बल की मदद से और मजबूत किया गया है।

हिंसा के बाद कानूनी कार्रवाई तेज
20 जुलाई की घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने 21 जुलाई को संसद मार्ग और कनॉट प्लेस थाना क्षेत्रों में कुल 15 एफआईआर दर्ज कीं। इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS), शस्त्र अधिनियम और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से संबंधित कानूनों के तहत विभिन्न धाराएं लगाई गई हैं। एफआईआर में सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा डालने, उन पर हमला करने, निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने और हिंसा फैलाने जैसे आरोप शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि सभी मामलों की जांच जारी है और उपलब्ध वीडियो फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों तथा अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, आज होने वाली प्रेस ब्रीफिंग पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि इसमें दिल्ली पुलिस प्रदर्शन और उससे जुड़े विवादों पर अपना विस्तृत पक्ष सार्वजनिक रूप से रखने वाली है।