'चलों संसद' प्रदर्शन के बीच फास्ट फूड आउटलेट में दिखने पर घिरे विजेता दहिया

    22-Jul-2026
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नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता विजेता दहिया इन दिनों एक वायरल वीडियो को लेकर सुर्खियों में हैं। पार्टी के 'चलों संसद' विरोध प्रदर्शन के दौरान दहिया का दिल्ली स्थित एक बर्गर किंग आउटलेट में बर्गर खाते हुए दिखाई देना उनके लिए भारी पड़ गया। जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, लोगों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया कि जब पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक संसद मार्च में शामिल थे तथा पुलिस के साथ झड़पों की खबरें सामने आ रही थीं, तब पार्टी का आधिकारिक प्रवक्ता प्रदर्शन स्थल पर मौजूद होने के बजाय रेस्टोरेंट में क्या कर रहा था। बढ़ते विवाद के बीच CJP ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विजेता दहिया को पार्टी प्रवक्ता पद से हटा दिया और उनकी सभी जिम्मेदारियां वापस ले लीं। पार्टी का कहना है कि उनका व्यवहार संगठन के सिद्धांतों और आंदोलन की भावना के अनुरूप नहीं था।

'भूख लगी थी' वाले बयान से नहीं थमा विवाद
वीडियो वायरल होने के बाद विजेता दहिया ने सफाई देते हुए कहा कि उन्हें भूख लगी थी, इसलिए वे खाना खाने चले गए। उन्होंने यह भी कहा कि "जब आप अच्छा खाना खाते हैं तो आपका मन भी अच्छा महसूस करता है।" हालांकि उनका यह बयान विवाद को शांत करने के बजाय और अधिक चर्चा का विषय बन गया। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे आंदोलन के प्रति असंवेदनशील रवैया बताया। यूजर्स का कहना था कि किसी बड़े राजनीतिक प्रदर्शन के दौरान पार्टी के प्रवक्ता से यह अपेक्षा की जाती है कि वह प्रदर्शनकारियों के बीच मौजूद रहकर पार्टी का पक्ष रखे। देखते ही देखते यह मामला केवल बर्गर खाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक जिम्मेदारी और सार्वजनिक छवि पर भी बहस शुरू हो गई।

राजनीतिक शोध से लेकर फिल्म निर्माण तक रहा है सफर

विवाद से पहले विजेता दहिया को एक राजनीतिक शोधकर्ता, लेखक और फिल्म निर्माता के रूप में जाना जाता था। वे लंबे समय से राजनीति और जनसंपर्क से जुड़े विषयों पर काम करते रहे हैं तथा कंटेंट क्रिएशन के क्षेत्र में भी सक्रिय रहे हैं। जून महीने में CJP ने उन्हें अपनी तीन सदस्यीय आधिकारिक प्रवक्ता टीम में शामिल किया था। इस टीम में खोजी पत्रकार सौरव दास और आशुतोष रांका भी शामिल थे। पार्टी ने दहिया को अपनी नीतियों, अभियानों और जनसंपर्क गतिविधियों को प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। उनके राजनीतिक शोध और फिल्म निर्माण के अनुभव को देखते हुए उन्हें पार्टी के प्रमुख चेहरों में माना जा रहा था, लेकिन उनका यह कार्यकाल काफी छोटा साबित हुआ।

संगठन की छवि पर उठे सवाल
वायरल वीडियो में ऐसा कोई विवादित दृश्य नहीं था, लेकिन उसका समय पूरे मामले की वजह बन गया। जिस वक्त 'चलों संसद' आंदोलन चल रहा था और प्रदर्शनकारियों के पुलिस कार्रवाई का सामना करने की खबरें आ रही थीं, उसी दौरान पार्टी के प्रवक्ता का फास्ट फूड रेस्टोरेंट में दिखाई देना लोगों को अखर गया। इसके बाद बहस इस बात पर केंद्रित हो गई कि किसी राजनीतिक संगठन का प्रतिनिधित्व करने वाले व्यक्ति के लिए ऐसे समय में उसकी प्राथमिकताएं क्या होनी चाहिए। बढ़ते जनदबाव और सोशल मीडिया पर आलोचना के बीच CJP ने स्पष्ट संदेश देने के लिए विजेता दहिया को पद से हटाने का फैसला लिया। यह मामला अब केवल एक वायरल वीडियो नहीं, बल्कि राजनीतिक जवाबदेही, सार्वजनिक छवि और नेतृत्व की जिम्मेदारियों पर भी चर्चा का विषय बन गया है।