- पुलिस कार्रवाई के बाद भी नहीं टूटा प्रदर्शनकारियों का हौसला
- देश-विदेश से मिली एकजुटता

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नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के बाद भी प्रदर्शनकारियों का हौसला कम नहीं हुआ। इसके उलट, देशभर से छात्रों, युवाओं और आम लोगों ने उनके समर्थन में मदद का हाथ बढ़ाया। किसी ने ऑनलाइन फूड डिलीवरी के जरिए भोजन भेजा तो किसी ने ORS, सैनिटरी पैड और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराया। पुलिस द्वारा प्रदर्शन स्थल के टेंट हटाने और मंच के कुछ हिस्सों को हटाने के बावजूद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी दोबारा जंतर-मंतर लौट आए। प्रदर्शन में शामिल लोगों के लिए जरूरी सुविधाएं जुटाने में आम नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस पूरे घटनाक्रम ने यह दिखाया कि समर्थन केवल प्रदर्शन स्थल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों और विदेशों से भी लोग विभिन्न माध्यमों से अपनी एकजुटता जता रहे हैं।
छात्रों ने जुटाए जरूरी संसाधन
सोमवार को पुलिस द्वारा प्रदर्शन स्थल खाली कराने और अस्थायी ढांचे हटाने के बाद ऐसा लगा था कि आंदोलन कमजोर पड़ जाएगा। लेकिन देर रात से ही प्रदर्शनकारी दोबारा जंतर-मंतर पहुंचने लगे और मंगलवार व बुधवार तक उनकी संख्या लगातार बढ़ती गई। सुबह जहां कुछ सौ लोग मौजूद थे, वहीं शाम तक हजारों लोग प्रदर्शन स्थल पर पहुंच गए। बैरिकेड्स के बाहर लंबी कतारें देखने को मिलीं। इस बीच दिल्ली विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट कॉलेज के छात्रों ने मिलकर करीब 8,000 रुपये जुटाए, जिससे प्रदर्शनकारियों के लिए सैनिटरी पैड, ORS के पैकेट और भोजन जैसी आवश्यक वस्तुएं खरीदी गईं। अन्य कॉलेजों के छात्रों ने भी इस अभियान में सहयोग किया। छात्रों का कहना था कि आंदोलन में शामिल लोगों की बुनियादी जरूरतों का ध्यान रखना भी उनकी जिम्मेदारी है।
देश-विदेश से ऑनलाइन पहुंचा भोजन
प्रदर्शनकारियों तक भोजन पहुंचाने में ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म अहम माध्यम बनकर सामने आए। टॉलस्टॉय मार्ग और संसद मार्ग के पास तैनात डिलीवरी एग्जीक्यूटिव आयू जैकब ने बताया कि उन्होंने एक ही दिन में करीब 20 बार प्रदर्शन स्थल पर भोजन पहुंचाया। उनके अनुसार, इनमें चार ऑर्डर अमेरिका से भी किए गए थे। महाराष्ट्र के निवासी अनुज रावत ने ऑनलाइन भोजन ऑर्डर कर उसे प्रदर्शन स्थल पर मौजूद जरूरतमंद लोगों में बांटने का अनुरोध किया। वहीं, अनिल यादव ने ग्रेटर कैलाश से 25 शाकाहारी थालियां मंगवाकर प्रदर्शनकारियों तक पहुंचाईं। इन उदाहरणों ने दिखाया कि तकनीक के माध्यम से दूर बैठे लोग भी आंदोलनकारियों तक अपनी मदद पहुंचा रहे थे।
व्यक्तिगत स्तर पर भी आगे आए लोग
ऑनलाइन सहायता के अलावा कई लोग स्वयं भी जंतर-मंतर पहुंचे। चावड़ी बाजार के रहने वाले 23 वर्षीय उस्मान पुलिस कार्रवाई के वीडियो देखने के बाद भावुक हो गए। पड़ोसियों से बातचीत के बाद उन्होंने स्वयं भोजन तैयार कराया और प्रदर्शनकारियों तक पहुंचाया। उनका कहना था कि जरूरतमंद लोगों की मदद करना उनका मानवीय कर्तव्य है। इस तरह की कई व्यक्तिगत पहलें भी आंदोलन के दौरान देखने को मिलीं। इन प्रयासों ने यह संदेश दिया कि प्रदर्शन केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं रहा, बल्कि मानवीय सहयोग और सामाजिक एकजुटता का भी उदाहरण बन गया। पुलिस कार्रवाई के बाद जहां एक ओर प्रदर्शन को नियंत्रित करने की कोशिशें जारी रहीं, वहीं दूसरी ओर देशभर से मिल रहे सहयोग ने आंदोलनकारियों का मनोबल बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।