
Image Source:(Internet)
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर आयोजित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च के दौरान हुए पुलिस लाठीचार्ज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक प्रदर्शनकारी को सुरक्षाकर्मियों के बीच घिरा हुआ देखा जा सकता है, जिस पर लगातार लाठियां बरसाई जा रही हैं। इस दौरान वह बार-बार "मारो, सर" चिल्लाता सुनाई देता है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए बल प्रयोग किया और आंदोलन स्थल पर लगाए गए टेंट भी हटाए। इसी कार्रवाई के बीच रिकॉर्ड हुआ यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। कई लोग इसे पुलिस की सख्ती का प्रतीक बता रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी।
नागपुर के प्रदर्शनकारी का दावा- 15 से 20 RAF जवानों ने पीटा
वीडियो में दिखाई देने वाले प्रदर्शनकारी की पहचान नागपुर निवासी भारत बनैत के रूप में हुई है। घटना के बाद उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें करीब 15 से 20 रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों ने बुरी तरह पीटा। उनका कहना है कि उनके सिर समेत पूरे शरीर पर चोटें आई हैं। भारत बनैत ने कहा, "मेरे सिर पर और शरीर के हर हिस्से पर लाठियां मारी गईं। यह छात्रों का आंदोलन था और सरकार ने जिस तरह इसकी आवाज दबाने की कोशिश की, मैं उसकी निंदा करता हूं।" वायरल वीडियो में यह भी दिखाई देता है कि बाद में एक महिला पुलिसकर्मी, जिसके हाथ में तिरंगा था, बीच-बचाव करती है और प्रदर्शनकारी को वहां से सुरक्षित बाहर ले जाती है। इस दृश्य की भी सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा हो रही है।
दिल्ली पुलिस की अपील- शांतिपूर्ण प्रदर्शन करें, कानून का पालन करें
घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने और कानून का पालन करने की अपील की है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजीव रंजन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी वीडियो संदेश में कहा कि सभी प्रदर्शनकारी संयम बरतें और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखें। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की गैरकानूनी या हिंसक गतिविधि से बचना चाहिए तथा ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों के वैध निर्देशों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसी उद्देश्य से आवश्यक कार्रवाई की गई।
सरकार तक पहुंची मांगें, जे. पी. नड्डा से हुई मुलाकात
लाठीचार्ज के बाद आंदोलन का राजनीतिक पहलू भी सामने आया। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपनी मांगों को उनके सामने रखा। नेताओं के अनुसार, नड्डा ने आश्वासन दिया कि आंदोलनकारियों की मांगों पर सरकार के स्तर पर चर्चा की जाएगी। हालांकि, प्रदर्शनकारी अब भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और कथित पेपर लीक मामलों में जवाबदेही तय करने की मांग पर कायम हैं। इस बीच, "मारो सर" वाला वीडियो सोशल मीडिया पर बहस का केंद्र बना हुआ है। एक ओर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं, तो दूसरी ओर कानून-व्यवस्था और विरोध प्रदर्शन की सीमाओं को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।