- सीमेंट रोड और पाइपलाइन कार्य साथ-साथ
- शहर का व्यस्त मार्ग बना ट्रैफिक हॉटस्पॉट

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नागपुर। शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल बेसा–पिपला रोड इन दिनों भारी ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था का केंद्र बन गया है। एक ओर बेसा चौक से पिपला तक अंतिम हिस्से में सीमेंट रोड का निर्माण कार्य जारी है, वहीं दूसरी ओर बेसा चौक पर पाइपलाइन बिछाने का काम भी एक साथ चल रहा है। दोनों परियोजनाओं के कारण सड़क का उपयोग योग्य हिस्सा काफी संकरा हो गया है, जिससे रोजाना हजारों वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं होने से दोनों दिशाओं का ट्रैफिक एक सीमित हिस्से से गुजर रहा है। इसका परिणाम लंबे जाम, बार-बार लगने वाली ट्रैफिक बाधाओं और छोटे-मोटे सड़क हादसों के रूप में सामने आ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह और शाम के व्यस्त समय में दोपहिया, कार, बस और भारी वाहन एक साथ निकलने में कठिनाई महसूस करते हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था चरमरा गई है।
दोपहिया चालकों के लिए सफर हुआ जोखिम भरा
निर्माण कार्य के चलते सड़क की स्थिति भी लगातार खराब होती जा रही है। कई स्थानों पर बड़े गड्ढे, उखड़ी हुई सड़क और खुदाई वाले हिस्से यात्रियों के लिए खतरा बन गए हैं। लगातार हो रही मानसूनी बारिश से इन गड्ढों में पानी भर गया है, जिससे वाहन चालकों को उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। सबसे अधिक परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है, जिन्हें फिसलने और दुर्घटना का डर बना रहता है। कई वाहन चालकों का कहना है कि अचानक गड्ढे में पहिया जाने से वाहन क्षतिग्रस्त हो रहे हैं और ट्रैफिक की रफ्तार भी प्रभावित हो रही है। खराब सड़क और संकरी लेन के कारण मामूली टक्कर की घटनाएं भी बढ़ रही हैं, जिससे जाम की स्थिति और गंभीर हो जाती है।
नागरिकों ने उठाए योजना और ट्रैफिक प्रबंधन पर सवाल
स्थानीय नागरिकों और नियमित रूप से इस मार्ग का उपयोग करने वाले लोगों ने परियोजनाओं की योजना पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि शहर के विकास के लिए सड़क और पाइपलाइन जैसी आधारभूत परियोजनाएं जरूरी हैं, लेकिन एक ही समय पर कई निर्माण कार्य शुरू करने से पहले आम लोगों पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन किया जाना चाहिए था। नियमित यात्री रवि मेहता का कहना है कि प्रशासन को पहले से प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन योजना तैयार करनी चाहिए थी। उनके अनुसार, स्पष्ट डायवर्जन, अस्थायी वैकल्पिक मार्ग और चरणबद्ध तरीके से निर्माण कार्य करने से लोगों को होने वाली परेशानी काफी हद तक कम की जा सकती थी। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि जहां वैकल्पिक सड़क उपलब्ध नहीं है, वहां निर्माण अवधि के दौरान कम से कम एक लेन को सुरक्षित और पूरी तरह चालू रखा जाना चाहिए।
PWD ने मांगा सहयोग, कहा- दीर्घकालीन लाभ के लिए हो रहे हैं कार्य
लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों का कहना है कि दोनों परियोजनाएं शहर के दीर्घकालीन विकास और नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखकर संचालित की जा रही हैं। विभाग के अनुसार निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इस मार्ग पर बेहतर सड़क, सुगम यातायात और बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिलेगा। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे निर्माण कार्य पूरा होने तक धैर्य रखें और प्रशासन का सहयोग करें। हालांकि, स्थानीय लोगों का मानना है कि विकास कार्यों के साथ-साथ सुरक्षित और सुचारु यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है। फिलहाल बेसा–पिपला मार्ग से गुजरने वाले हजारों लोगों को उम्मीद है कि निर्माण कार्य जल्द पूरा होगा और उन्हें रोजाना के जाम, गड्ढों और जोखिम भरे सफर से राहत मिलेगी।