- हिंसा मामले में 6 FIR दर्ज

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नई दिल्ली। दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और किसान संगठनों द्वारा आयोजित 'चलो संसद' मार्च के दौरान घायल हुई 21 वर्षीय युवती की हालत में लगातार सुधार हो रहा है। डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल द्वारा जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार युवती को सफलतापूर्वक वेंटिलेटर (एक्सट्यूबेशन) से हटा दिया गया है और अब वह बिना किसी कृत्रिम सहायता के स्वयं सांस ले रही है। अस्पताल ने बताया कि युवती पूरी तरह होश में है, डॉक्टरों के निर्देशों का पालन कर रही है और उसकी न्यूरोलॉजिकल स्थिति भी सामान्य बनी हुई है। विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के बाद युवती की गंभीर हालत को लेकर चिंता जताई जा रही थी, लेकिन ताजा मेडिकल अपडेट ने परिजनों और समर्थकों को बड़ी राहत दी है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीज की स्थिति पहले की तुलना में काफी बेहतर है और डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है।
डॉक्टरों की निगरानी में जारी इलाज
RML अस्पताल के स्वास्थ्य बुलेटिन के मुताबिक युवती के मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी (ब्रेन और स्पाइन) की MRI जांच पूरी तरह सामान्य आई है। डॉक्टरों का कहना है कि इलाज शुरू होने के बाद से उसकी स्थिति में लगातार सकारात्मक सुधार दर्ज किया गया है। फिलहाल उसे अस्पताल में विशेष निगरानी में रखा गया है और आवश्यक सभी चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अस्पताल ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदर्शन से जुड़े मामले में फिलहाल वही एकमात्र मरीज है, जो RML अस्पताल में भर्ती है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में भी उसकी सेहत पर लगातार नजर रखी जाएगी ताकि किसी प्रकार की जटिलता की आशंका न रहे। अस्पताल प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मरीज को सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई तेज
उधर, प्रदर्शन के दौरान हुई कथित हिंसा, तोड़फोड़ और अन्य घटनाओं को लेकर दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, 20 जुलाई को आयोजित 'चलो संसद' मार्च से जुड़े मामलों में अब तक छह अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। ये मामले संसद मार्ग, कनॉट प्लेस सहित विभिन्न थाना क्षेत्रों में भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट तथा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से संरक्षण अधिनियम (Prevention of Damage to Public Property Act) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि हिंसा के दौरान कानून-व्यवस्था भंग करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है।
पत्थरबाजी, ड्रोन संचालन और साजिश के एंगल की भी जांच
पुलिस सूत्रों के मुताबिक दर्ज मामलों में एक एफआईआर कनॉट प्लेस स्थित रीगल सिनेमा के पास हुई कथित हिंसा और पत्थरबाजी से संबंधित है। अन्य मामलों में अवैध रूप से भीड़ एकत्र करने, संसद सत्र के दौरान बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने और हिंसा के पीछे किसी व्यापक आपराधिक साजिश की आशंका की जांच शामिल है। जांच एजेंसियां प्रदर्शन से जुड़े वीडियो फुटेज, डिजिटल साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जुटा रही हैं। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हिंसा स्वतः हुई या इसके पीछे कोई सुनियोजित रणनीति थी। वहीं, घायल युवती की सेहत में हो रहे सुधार के बीच पूरे घटनाक्रम पर देशभर की नजर बनी हुई है। पुलिस जांच और चिकित्सा उपचार, दोनों मोर्चों पर अब अगले घटनाक्रम का इंतजार किया जा रहा है।