- संविधान चौक पर एकत्रित हुए युवा

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नागपुर। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके के समर्थन में सोमवार को शहर के संविधान चौक पर छात्रों, युवा संगठनों और नागरिकों ने प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में जुटे प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और व्यापक सुधार की मांग करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए। यह प्रदर्शन देशभर में चल रहे उन आंदोलनों का हिस्सा बताया गया, जिनमें सोनम वांगचुक और अभिजीत दिपके के समर्थन में विभिन्न शहरों में आवाज उठाई जा रही है।
परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर केंद्र सरकार से आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक पहल करने की अपील की। वक्ताओं ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाना आवश्यक है। उनका कहना था कि युवाओं का भविष्य निष्पक्ष व्यवस्था पर निर्भर करता है, इसलिए किसी भी प्रकार की अनियमितता पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार केवल किसी एक परीक्षा तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि पूरी प्रणाली में आवश्यक बदलाव किए जाने चाहिए ताकि छात्रों का विश्वास मजबूत हो सके।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद सरकार से त्वरित कार्रवाई की अपील
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल और अभिजीत दिपके के अभियान को छात्रों के अधिकारों, निष्पक्षता और लोकतांत्रिक जवाबदेही की लड़ाई का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज को गंभीरता से सुनना समय की आवश्यकता है। पूरे प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल तैनात रहा और कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। अंत में सभी प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से तत्काल कार्रवाई, शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार और छात्रों की चिंताओं का समाधान सुनिश्चित करने की सामूहिक अपील की।