'मैं 56 साल के युवक की नहीं, 28 साल के युवाओं की बात कर रहा हूं': स्काईरूट की सफलता पर बोले पीएम मोदी

    20-Jul-2026
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- राहुल गांधी पर साधा निशाना

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नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों और युवा स्टार्टअप्स की सफलता का उल्लेख करते हुए विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर परोक्ष राजनीतिक टिप्पणी की। मीडिया को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष मानसून सत्र से पहले एक भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पहुंचा था और अब भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने स्काईरूट एयरोस्पेस की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि इस स्टार्टअप की टीम की औसत आयु मात्र 28 वर्ष है। इसी दौरान उन्होंने बिना नाम लिए राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा, "मैं किसी 56 साल के युवक की बात नहीं कर रहा, बल्कि उन 28 साल के युवाओं की बात कर रहा हूं जिन्होंने अंतरिक्ष में भारत का परचम लहराया है।" प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया के चुनिंदा देशों में ही निजी कंपनियां ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च करने में सफल हुई हैं और भारत अब उस सूची में शामिल हो चुका है।

भारत बना निजी ऑर्बिटल लॉन्च क्षमता वाला तीसरा देश
प्रधानमंत्री ने जिस उपलब्धि का उल्लेख किया, वह स्काईरूट एयरोस्पेस के विक्रम-1 टेस्ट फ्लाइट-1 मिशन से जुड़ी है। भारत के पहले निजी तौर पर विकसित ऑर्बिटल श्रेणी के रॉकेट ने सफलतापूर्वक अपने पेलोड को लगभग 450 किलोमीटर की कक्षा में स्थापित किया। 'मिशन आगमन' नाम से संचालित यह प्रक्षेपण श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से किया गया। 24 मीटर लंबे कार्बन-कॉम्पोजिट रॉकेट ने सभी निर्धारित चरण सफलतापूर्वक पूरे किए, जिनमें स्टेज सेपरेशन और ऑर्बिटल एडजस्टमेंट मॉड्यूल का संचालन भी शामिल रहा। इस सफलता पर प्रधानमंत्री ने स्काईरूट की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई ऊंचाइयों तक ले जा रही है और इससे देश के हजारों युवाओं को नवाचार के लिए प्रेरणा मिलेगी।

संसद में कई अहम विधेयक होंगे पेश
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जिस तरह अच्छी बारिश देश के लिए लाभकारी होती है, उसी तरह संसद का मानसून सत्र भी राष्ट्रहित में सार्थक और उत्पादक होना चाहिए। उन्होंने आशा जताई कि सदन में सकारात्मक चर्चा होगी और जनहित के मुद्दों पर रचनात्मक निर्णय लिए जाएंगे। लोकसभा में इस सत्र के पहले दिन सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया जाना है, जिसके जरिए सर्वोच्च न्यायालय में स्वीकृत न्यायाधीशों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा प्रश्नकाल, शोक प्रस्ताव, विभिन्न मंत्रालयों के दस्तावेज सदन पटल पर रखे जाएंगे और कई संसदीय समितियों से जुड़े प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए जाएंगे। वहीं राज्यसभा में राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' के अपमान या उसके गायन में बाधा डालने को दंडनीय अपराध बनाने संबंधी संशोधन विधेयक पेश किया जाएगा। (The Times of India)

सरकार-विपक्ष के बीच तीखे टकराव के आसार
मानसून सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस होने की संभावना है। विपक्ष पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि वह नीट-यूजी 2026 पेपर लीक, अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा गबन प्रकरण और अन्य राष्ट्रीय मुद्दों को संसद में जोरदार तरीके से उठाएगा। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के सांसद इन विषयों पर विशेष चर्चा की मांग कर चुके हैं। दूसरी ओर, केंद्र सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने की तैयारी में है। ऐसे में संसद के बाहर प्रधानमंत्री मोदी का '56 साल के युवक' वाला बयान राजनीतिक बहस का नया केंद्र बन गया है। स्काईरूट की उपलब्धि को लेकर सरकार जहां इसे युवा भारत और नवाचार की सफलता बता रही है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक कटाक्ष से जोड़कर देख रहा है। आने वाले दिनों में संसद के भीतर और बाहर इन मुद्दों पर सियासी गर्माहट बढ़ने के संकेत हैं।