'56 इंच का सीना कहां गया?': पीएम मोदी के बयान पर मल्लिकार्जुन खड़गे का पलटवार

    20-Jul-2026
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- संसद सत्र के पहले दिन बढ़ी सियासी तल्खी

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नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्काईरूट एयरोस्पेस की सफलता का जिक्र करते हुए बिना नाम लिए "56 साल के युवक" वाली टिप्पणी करने के कुछ ही समय बाद कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने तीखा पलटवार किया। मीडिया से बातचीत में खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री का काम विपक्ष पर तंज कसना नहीं, बल्कि देश की समस्याओं का समाधान करना है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, "56 इंच का सीना कहां गया? पहले अपनी विश्वसनीयता साबित कीजिए। आपने देश के लिए क्या किया?" खड़गे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री राजनीतिक कटाक्ष के जरिए अपनी सरकार की विफलताओं से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति की भाषा और आचरण ऐसा होना चाहिए, जो समस्याओं के समाधान की दिशा दिखाए, न कि राजनीतिक व्यंग्य का माध्यम बने।

नीट और राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर साधा निशाना
कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने बयान में नीट परीक्षा विवाद और राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित अनियमितताओं का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के कारण लाखों छात्र और उनके परिवार परेशान हैं। कई विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लग गया है, लेकिन सरकार इस गंभीर मुद्दे पर जवाबदेही तय करने के बजाय राजनीतिक बयानबाजी में व्यस्त है। खड़गे ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने जिन लोगों को राम मंदिर ट्रस्ट में जिम्मेदारी दी, उन्हीं पर अब अनियमितताओं के आरोप लग रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार स्वयं गठित संस्थाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं कर पा रही है, तो नैतिक जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। उनके अनुसार, जनता के भरोसे और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

पीएम मोदी के बयान से शुरू हुआ नया राजनीतिक विवाद
दरअसल, संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए स्काईरूट एयरोस्पेस की टीम की सराहना की थी। उन्होंने कहा था कि इस स्टार्टअप की टीम की औसत आयु केवल 28 वर्ष है और इन्हीं युवाओं ने अंतरिक्ष में भारत का झंडा बुलंद किया है। इसी दौरान उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा, "मैं किसी 56 साल के युवक की बात नहीं कर रहा, बल्कि उन 28 साल के युवाओं की बात कर रहा हूं।" राजनीतिक हलकों में इस टिप्पणी को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर परोक्ष निशाना माना गया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों, नवाचार और युवा स्टार्टअप्स की भूमिका को देश की नई ताकत बताया था।

मानसून सत्र में सरकार-विपक्ष के बीच टकराव के संकेत
प्रधानमंत्री और मल्लिकार्जुन खड़गे के बयानों ने मानसून सत्र के पहले दिन ही राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। विपक्ष पहले से ही नीट परीक्षा विवाद, अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित मामले और अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना चुका है। वहीं सरकार अपनी उपलब्धियों और विभिन्न विधायी प्रस्तावों को सदन में प्रमुखता से रखने की तैयारी में है। ऐसे में संसद के भीतर तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप के आसार बढ़ गए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में शिक्षा, भ्रष्टाचार, युवाओं के मुद्दे और सरकार की कार्यशैली को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव और तेज हो सकता है, जिससे मानसून सत्र का माहौल लगातार गरमाए रहने की संभावना है।