भारत को मिला पहला डेंगू टीका! DCGI ने 4 से 60 वर्ष आयु वर्ग के लिए QDENGA को दी मंजूरी

    20-Jul-2026
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नई दिल्ली। डेंगू की बढ़ती चुनौती से जूझ रहे भारत के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। भारत के औषधि महानियंत्रक (DCGI) ने टाकेडा बायोफार्मास्यूटिकल्स इंडिया की डेंगू वैक्सीन QDENGA को बाजार में उपयोग की मंजूरी दे दी है। यह भारत में डेंगू की रोकथाम के लिए स्वीकृत पहली वैक्सीन है, जिसे 4 से 60 वर्ष की आयु के लोगों को लगाया जा सकेगा। खास बात यह है कि इस टीके को लगाने से पहले यह जांच कराने की जरूरत नहीं होगी कि व्यक्ति को पहले कभी डेंगू हुआ है या नहीं। यानी यह वैक्सीन पूर्व संक्रमण की स्थिति से इतर भी प्रभावी मानी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मंजूरी भारत में डेंगू नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है, क्योंकि देश दुनिया में डेंगू के सबसे अधिक प्रभावित देशों में शामिल है और वैश्विक मामलों का लगभग एक-तिहाई हिस्सा भारत में दर्ज होता है।

80% से अधिक प्रभावी
कंपनी के अनुसार QDENGA की मंजूरी व्यापक वैश्विक और भारतीय क्लीनिकल ट्रायल के सकारात्मक परिणामों के आधार पर दी गई है। 19 चरणों (फेज-1, 2 और 3) के परीक्षणों में 28 हजार से अधिक प्रतिभागियों को शामिल किया गया। प्रमुख TIDES (DEN-301) अध्ययन में दूसरी डोज के 12 महीने बाद वैक्सीन ने 80.2 प्रतिशत प्रभावशीलता दिखाई, जबकि 18 महीने बाद डेंगू के कारण अस्पताल में भर्ती होने से बचाने में इसकी 90.4 प्रतिशत प्रभावशीलता दर्ज की गई। साढ़े चार वर्षों के फॉलो-अप में भी अस्पताल में भर्ती होने के जोखिम को 84.1 प्रतिशत तक कम करने के प्रमाण मिले। कंपनी का दावा है कि यह वैक्सीन डेंगू वायरस के चारों प्रमुख सीरोटाइप के खिलाफ सात वर्षों तक सुरक्षित और प्रभावी सुरक्षा प्रदान करती है। भारत में किए गए अलग फेज-3 अध्ययन में भी यह वैक्सीन बच्चों, किशोरों और वयस्कों के लिए सुरक्षित, सहनशील और प्रभावी पाई गई।

डेंगू के बढ़ते खतरे के बीच बड़ी उपलब्धि

विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में तेजी से बढ़ते शहरीकरण, जलवायु परिवर्तन और मच्छरों की बढ़ती संख्या के कारण डेंगू अब केवल मौसमी बीमारी नहीं रह गई है, बल्कि सालभर सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। डेंगू का कोई विशेष इलाज उपलब्ध नहीं है और गंभीर मामलों में मरीज को अस्पताल में भर्ती कर गहन चिकित्सा की आवश्यकता पड़ सकती है। टाकेडा के इंटरकॉन्टिनेंटल मार्केट्स के प्रमुख डॉ. महेंद्र नायक ने कहा कि भारत को वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित दीर्घकालिक रोकथाम रणनीति की आवश्यकता है और QDENGA इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। वहीं, मेडिकल अफेयर्स प्रमुख डॉ. गोह चू बेंग ने बताया कि भारत के कई राज्यों में डेंगू वायरस के चारों प्रकार एक साथ पाए जाते हैं, इसलिए चारों सीरोटाइप के खिलाफ सुरक्षा देने वाली यह वैक्सीन बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी।

WHO की सिफारिश, दो डोज में मिलेगा पूरा सुरक्षा कवच

QDENGA एक टेट्रावैलेंट लाइव-अटेन्यूएटेड वैक्सीन है, जिसे त्वचा के नीचे (सबक्यूटेनियस) 0.5 मिलीलीटर की मात्रा में दो डोज के रूप में लगाया जाएगा। दोनों डोज के बीच तीन महीने का अंतर रखा जाएगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) पहले ही इस वैक्सीन की सिफारिश डेंगू प्रभावित देशों के लिए कर चुका है और इसे WHO की प्रीक्वालिफिकेशन भी प्राप्त है, जिससे इसकी गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावशीलता की पुष्टि होती है। वर्ष 2022 में लॉन्च होने के बाद QDENGA को अब तक 43 देशों में मंजूरी मिल चुकी है और दुनिया भर में इसकी 3.2 करोड़ से अधिक डोज वितरित की जा चुकी हैं। ब्राजील, अर्जेंटीना, कोलंबिया और इंडोनेशिया जैसे देशों के सार्वजनिक टीकाकरण कार्यक्रमों में भी इसे शामिल किया गया है। भारत में मंजूरी मिलने के बाद कंपनी ने कहा है कि वह नियामक संस्थाओं और स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर इस वैक्सीन की उपलब्धता और वितरण सुनिश्चित करने की दिशा में काम करेगी।

नई दिल्ली। डेंगू की बढ़ती चुनौती से जूझ रहे भारत के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। भारत के औषधि महानियंत्रक (DCGI) ने टाकेडा बायोफार्मास्यूटिकल्स इंडिया की डेंगू वैक्सीन QDENGA को बाजार में उपयोग की मंजूरी दे दी है। यह भारत में डेंगू की रोकथाम के लिए स्वीकृत पहली वैक्सीन है, जिसे 4 से 60 वर्ष की आयु के लोगों को लगाया जा सकेगा। खास बात यह है कि इस टीके को लगाने से पहले यह जांच कराने की जरूरत नहीं होगी कि व्यक्ति को पहले कभी डेंगू हुआ है या नहीं। यानी यह वैक्सीन पूर्व संक्रमण की स्थिति से इतर भी प्रभावी मानी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मंजूरी भारत में डेंगू नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है, क्योंकि देश दुनिया में डेंगू के सबसे अधिक प्रभावित देशों में शामिल है और वैश्विक मामलों का लगभग एक-तिहाई हिस्सा भारत में दर्ज होता है।

80% से अधिक प्रभावी
कंपनी के अनुसार QDENGA की मंजूरी व्यापक वैश्विक और भारतीय क्लीनिकल ट्रायल के सकारात्मक परिणामों के आधार पर दी गई है। 19 चरणों (फेज-1, 2 और 3) के परीक्षणों में 28 हजार से अधिक प्रतिभागियों को शामिल किया गया। प्रमुख TIDES (DEN-301) अध्ययन में दूसरी डोज के 12 महीने बाद वैक्सीन ने 80.2 प्रतिशत प्रभावशीलता दिखाई, जबकि 18 महीने बाद डेंगू के कारण अस्पताल में भर्ती होने से बचाने में इसकी 90.4 प्रतिशत प्रभावशीलता दर्ज की गई। साढ़े चार वर्षों के फॉलो-अप में भी अस्पताल में भर्ती होने के जोखिम को 84.1 प्रतिशत तक कम करने के प्रमाण मिले। कंपनी का दावा है कि यह वैक्सीन डेंगू वायरस के चारों प्रमुख सीरोटाइप के खिलाफ सात वर्षों तक सुरक्षित और प्रभावी सुरक्षा प्रदान करती है। भारत में किए गए अलग फेज-3 अध्ययन में भी यह वैक्सीन बच्चों, किशोरों और वयस्कों के लिए सुरक्षित, सहनशील और प्रभावी पाई गई।

डेंगू के बढ़ते खतरे के बीच बड़ी उपलब्धि
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में तेजी से बढ़ते शहरीकरण, जलवायु परिवर्तन और मच्छरों की बढ़ती संख्या के कारण डेंगू अब केवल मौसमी बीमारी नहीं रह गई है, बल्कि सालभर सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। डेंगू का कोई विशेष इलाज उपलब्ध नहीं है और गंभीर मामलों में मरीज को अस्पताल में भर्ती कर गहन चिकित्सा की आवश्यकता पड़ सकती है। टाकेडा के इंटरकॉन्टिनेंटल मार्केट्स के प्रमुख डॉ. महेंद्र नायक ने कहा कि भारत को वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित दीर्घकालिक रोकथाम रणनीति की आवश्यकता है और QDENGA इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। वहीं, मेडिकल अफेयर्स प्रमुख डॉ. गोह चू बेंग ने बताया कि भारत के कई राज्यों में डेंगू वायरस के चारों प्रकार एक साथ पाए जाते हैं, इसलिए चारों सीरोटाइप के खिलाफ सुरक्षा देने वाली यह वैक्सीन बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी।

WHO की सिफारिश, दो डोज में मिलेगा पूरा सुरक्षा कवच

QDENGA एक टेट्रावैलेंट लाइव-अटेन्यूएटेड वैक्सीन है, जिसे त्वचा के नीचे (सबक्यूटेनियस) 0.5 मिलीलीटर की मात्रा में दो डोज के रूप में लगाया जाएगा। दोनों डोज के बीच तीन महीने का अंतर रखा जाएगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) पहले ही इस वैक्सीन की सिफारिश डेंगू प्रभावित देशों के लिए कर चुका है और इसे WHO की प्रीक्वालिफिकेशन भी प्राप्त है, जिससे इसकी गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावशीलता की पुष्टि होती है। वर्ष 2022 में लॉन्च होने के बाद QDENGA को अब तक 43 देशों में मंजूरी मिल चुकी है और दुनिया भर में इसकी 3.2 करोड़ से अधिक डोज वितरित की जा चुकी हैं। ब्राजील, अर्जेंटीना, कोलंबिया और इंडोनेशिया जैसे देशों के सार्वजनिक टीकाकरण कार्यक्रमों में भी इसे शामिल किया गया है। भारत में मंजूरी मिलने के बाद कंपनी ने कहा है कि वह नियामक संस्थाओं और स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर इस वैक्सीन की उपलब्धता और वितरण सुनिश्चित करने की दिशा में काम करेगी।