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नई दिल्ली। नीट-यूजी 2026 पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। करीब चार घंटे तक चली इस बैठक में संगठन की ओर से तीन प्रमुख मांगें सरकार के सामने रखी गईं। सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि पहली मांग सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को तत्काल अस्पताल से मुक्त कर आंदोलन में शामिल होने की अनुमति देने की थी। दूसरी और सबसे अहम मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे या उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटाने की रही। तीसरी मांग उन नीट अभ्यर्थियों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की थी, जिनकी कथित तौर पर परीक्षा विवाद के दौरान मौत हुई। सौरव दास ने स्पष्ट कहा कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान पद नहीं छोड़ते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
'चार घंटे चली वार्ता, सरकार ने दिया केवल विचार का आश्वासन'
सौरव दास और सीजेपी नेता आशुतोष रांका ने जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद बताया कि वे लगभग चार घंटे तक उनके आवास पर मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि सरकार के सामने लिखित ज्ञापन भी सौंपा गया है, जिसमें तीनों मांगों का विस्तार से उल्लेख किया गया है। दास ने बताया कि केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया है कि इन मांगों पर उचित स्तर पर चर्चा की जाएगी, लेकिन फिलहाल सरकार की ओर से कोई ठोस प्रतिबद्धता या निर्णय नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन मांगें पूरी होने तक धरना और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। दूसरी ओर, जेपी नड्डा ने भी सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच पहली बार औपचारिक बातचीत हुई। उन्होंने बताया कि बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई और प्रदर्शनकारियों से सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई है।
दिल्ली पुलिस ने खारिज किए मारपीट और बच्ची से बदसलूकी के आरोप
इधर, सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान एक 12 वर्षीय बच्ची के साथ मारपीट और कई लोगों के गंभीर रूप से घायल होने के दावों को दिल्ली पुलिस ने सिरे से खारिज कर दिया है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर जारी 'फैक्ट चेक' में कहा कि गीतांजलि नाम की बच्ची के साथ बदसलूकी, उसके बाल खींचने, सिर पर चोट लगने और 40 से 50 लोगों के गंभीर रूप से घायल होने संबंधी दावे पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की कि बिना पुष्टि के ऐसी अफवाहों को साझा न करें और सोशल मीडिया पर फैल रही गलत जानकारी से सावधान रहें। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई और स्थिति नियंत्रण में है।
शिक्षा सुधार को लेकर आंदोलन जारी, सरकार पर बढ़ रहा दबाव
सीजेपी का आंदोलन अब केवल नीट पेपर लीक तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और जवाबदेही की मांग का रूप ले चुका है। संगठन लगातार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और प्रभावित छात्रों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग कर रहा है। वहीं, सरकार ने बातचीत के जरिए समाधान निकालने के संकेत दिए हैं, लेकिन अभी तक किसी मांग पर सहमति नहीं बनी है। ऐसे में आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। संसद के मानसून सत्र के दौरान इस मुद्दे के और अधिक राजनीतिक रूप लेने की संभावना है, क्योंकि विपक्ष भी शिक्षा व्यवस्था और नीट विवाद को लेकर सरकार को लगातार घेर रहा है।