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नागपुर। धंतोली इलाके में स्थित एक स्किन, लेजर और हेयर ट्रांसप्लांट क्लिनिक पर फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छापा मारा। इस छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने लगभग 25 प्रकार की एलोपैथिक दवाओं का स्टॉक जब्त किया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 7 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई उस सूचना के आधार पर की गई, जिसमें बताया गया था कि क्लिनिक में बिना वैध ड्रग सेल लाइसेंस के दवाओं का वितरण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि क्लिनिक के पास दवा बिक्री का वैध लाइसेंस मौजूद नहीं था, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए दवाओं को जब्त कर लिया गया।
जांच में फर्जी बिलिंग और लाइसेंस के दुरुपयोग का खुलासा
निरीक्षण के दौरान FDA अधिकारियों को गंभीर अनियमितताएं मिलीं। जांच में यह पाया गया कि मरीजों को दी जा रही दवाओं के बिल किसी अन्य लाइसेंसधारी प्रतिष्ठान के नाम पर जारी किए जा रहे थे। यह संदेह पैदा करता है कि क्लिनिक अपने पास वैध लाइसेंस न होने के बावजूद किसी अन्य के लाइसेंस का उपयोग कर दवा बिक्री कर रहा था। अधिकारियों के अनुसार, यह मामला दवा बिक्री नियमों के उल्लंघन के साथ-साथ पारदर्शिता और कानूनी प्रक्रियाओं के गंभीर उल्लंघन को दर्शाता है। छापेमारी के दौरान एंटीबायोटिक्स, एंटी-इन्फ्लेमेटरी दवाएं, औषधीय शैंपू और एलोपेसिया के उपचार में उपयोग होने वाली दवाएं बड़ी मात्रा में बरामद की गईं।
FDA की सख्त निगरानी, आगे की जांच जारी
यह कार्रवाई FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में 3 जून को की गई। इस विशेष निरीक्षण दल में सहायक आयुक्त, ड्रग इंस्पेक्टर और खुफिया शाखा के अधिकारी शामिल थे। जांच के दौरान क्लिनिक प्रबंधन द्वारा दवाओं की खरीद से जुड़े बिल और रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किए जा सके। FDA ने मौके से चार दवाओं के नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिए हैं, जिनकी रिपोर्ट से दवाओं की गुणवत्ता और वैधता का पता चलेगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट और आगे के निष्कर्षों के आधार पर क्लिनिक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।