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नागपुर। एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सरकार इथेनॉल आधारित कुकिंग स्टोव को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि यह पहल बढ़ती एलपीजी कीमतों से परेशान आम उपभोक्ताओं को राहत देने के साथ-साथ देश को आयातित रसोई गैस पर निर्भरता से भी मुक्त कर सकती है। गडकरी ने इसे ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
स्वच्छ और किफायती ऊर्जा विकल्प के रूप में इथेनॉल
गडकरी के अनुसार इथेनॉल आधारित कुकिंग तकनीक पारंपरिक एलपीजी सिलेंडर का एक सस्ता और पर्यावरण अनुकूल विकल्प बन सकती है। इथेनॉल, जो गन्ना, मक्का और कृषि अवशेषों से तैयार किया जाता है, एक स्वच्छ ईंधन के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके उपयोग से न केवल प्रदूषण में कमी आएगी, बल्कि यह ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लिए एक टिकाऊ ऊर्जा समाधान भी साबित हो सकता है। साथ ही इससे घरेलू ऊर्जा लागत में भी कमी आने की संभावना है।
कृषि क्षेत्र को भी मिलेगा लाभ, ऊर्जा सुरक्षा पर जोर
इस पहल से कृषि क्षेत्र को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है क्योंकि गन्ना, मक्का और अन्य फसलों की मांग बढ़ेगी। इसके अलावा कृषि अवशेषों के बेहतर उपयोग से किसानों की अतिरिक्त आय का स्रोत भी विकसित हो सकता है। भारत में पिछले एक दशक में इथेनॉल कार्यक्रम तेजी से आगे बढ़ा है, जिसमें पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण लगभग 1.5 प्रतिशत से बढ़कर 2025 तक करीब 20 प्रतिशत तक पहुंच गया है। गडकरी ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों की अस्थिरता और तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि इथेनॉल आधारित समाधान उपभोक्ताओं को बाहरी झटकों से बचाने में मदद कर सकते हैं।