CJP ने नियुक्त किए नए प्रवक्ता, 6 जून के देशव्यापी विरोध का ऐलान कायम

    04-Jun-2026
Total Views |
Image Source:(Internet)

नई दिल्ली। ‘कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)’ ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने संगठन में तीन नए प्रवक्ताओं की नियुक्ति की घोषणा की। यह घोषणा ऐसे समय में की गई जब पार्टी ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ 6 जून को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान दोहराया। संगठन का कहना है कि यह आंदोलन CBSE, NEET और CUET जैसी प्रमुख परीक्षाओं में सामने आए कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों की आवाज को मजबूत करने के लिए किया जा रहा है।

6 जून के विरोध को मिला समर्थन और बढ़ी सक्रियता
CJP द्वारा प्रस्तावित इस विरोध प्रदर्शन को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके द्वारा शुरू किए गए इस आंदोलन को बाद में पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का भी समर्थन मिला। वांगचुक ने सोशल मीडिया पर कहा कि यदि 5 जून तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है तो वह दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि इन कथित अनियमितताओं का असर लाखों छात्रों पर पड़ा है और इसके लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

नए प्रवक्ताओं की नियुक्ति और संगठन की रणनीति
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान CJP ने अपने नए संचार दल की भी घोषणा की, जिसमें वरिष्ठ पत्रकार सौरव दास को मुख्य प्रवक्ता बनाया गया है, जबकि विजेता दहिया और आशुतोष रांका को प्रवक्ता नियुक्त किया गया है। संगठन के अनुसार सौरव दास को न्यायिक, सामाजिक और जनहित से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग का लंबा अनुभव है और वे पहले भी दिल्ली में पर्यावरण प्रदूषण विरोधी अभियानों से जुड़े रहे हैं। पार्टी ने कहा कि यह नई टीम आंदोलन की रणनीति और जनसंपर्क को मजबूत करेगी।

प्रवक्ताओं का परिचय और आंदोलन की दिशा

विजेता दहिया एक लेखिका, कंटेंट क्रिएटर और फिल्म निर्माता हैं, जिन्होंने डिजिटल मीडिया परियोजनाओं पर कार्य किया है और ‘पावर ऑफ यूनिवर्स’ तथा ‘टू हेल विद दैट जॉब’ जैसी पुस्तकों की लेखिका हैं। वहीं आशुतोष रांका IIT कानपुर और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के पूर्व छात्र हैं और पहले मैकिन्से एंड कंपनी, लंदन में सलाहकार के रूप में कार्य कर चुके हैं। भारत लौटने के बाद से वे शिक्षा, पर्यावरण और युवा मुद्दों से जुड़े अभियानों में सक्रिय हैं। घोषणा के बाद रांका ने भी आंदोलन से अपनी औपचारिक जुड़ाव की पुष्टि करते हुए इसे समर्थन दिया।