- मलप्पुरम दौरे पर प्रियंका गांधी ने उठाया बड़ा मुद्दा

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मलप्पुरम (केरल): कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केरल में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को गंभीर और जटिल समस्या बताते हुए कहा कि इसका समाधान आसान नहीं है, लेकिन सभी संबंधित पक्ष मिलकर लगातार प्रयास कर रहे हैं। वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी शुक्रवार को मलप्पुरम जिले के नीलांबुर में वन विभाग की रैपिड रिस्पॉन्स टीम (RRT) के लिए एक विशेष वाहन को हरी झंडी दिखाने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा लंबे समय से लोगों की चिंता का कारण बना हुआ है और इसे हल करने के लिए वन विभाग के साथ समन्वय बनाकर कई कदम उठाए जा रहे हैं। प्रियंका गांधी 25 से 28 जून तक अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड के तीन दिवसीय दौरे पर हैं और इस दौरान कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेने वाली हैं।
वन विभाग को आधुनिक संसाधनों की जरूरत
प्रियंका गांधी ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए वन विभाग को अधिक संसाधनों और आधुनिक तकनीक से लैस करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ड्रोन, निगरानी उपकरण और अन्य आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता से वन विभाग की क्षमता बढ़ेगी और समय रहते कार्रवाई करना आसान होगा। उनके अनुसार इस समस्या से जुड़े कई हितधारक हैं और समाधान तभी संभव है जब सभी मिलकर साझा सहमति के साथ काम करें। उन्होंने कहा कि यह एक धीमी प्रक्रिया होगी, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सरकार, वन विभाग, स्थानीय समुदाय और अन्य संबंधित पक्ष एकजुट होकर आगे बढ़ें।
UDF सरकार से बढ़ी उम्मीदें
प्रियंका गांधी ने भरोसा जताया कि अब जब केरल में कांग्रेस नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की सरकार है, तो मानव-वन्यजीव संघर्ष की समस्या से निपटने के लिए और अधिक प्रभावी प्रयास किए जा सकेंगे। गौरतलब है कि केरल विधानसभा चुनाव के दौरान यह मुद्दा प्रमुख चुनावी मुद्दों में शामिल था। राज्य के कई हिस्सों में जंगली जानवरों के हमलों और फसलों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। UDF ने चुनाव प्रचार के दौरान वादा किया था कि सत्ता में आने पर इस समस्या का स्थायी समाधान खोजा जाएगा। अब सरकार और जनप्रतिनिधियों की ओर से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की बात कही जा रही है।