केतन अग्रवाल मौत मामला: सह-आरोपी चेतन चौधरी के परिवार का दावा! ‘मेरा बेटा निर्दोष है’

    25-Jun-2026
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- लोहगढ़ किले की घटना ने लिया हत्या के मामले का रूप

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एबी न्यूज़ नेटवर्क। पुणे के व्यवसायी केतन अग्रवाल की मौत के मामले में जांच अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। 18 जून को पुणे के पास स्थित लोहगढ़ किले की खाई में गिरने से केतन अग्रवाल की मौत हो गई थी। शुरुआत में इसे एक दुर्घटना माना गया था, लेकिन पुलिस जांच के बाद मामला कथित हत्या के रूप में सामने आया। पुलिस का आरोप है कि केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर साजिश रची और केतन को खाई में धक्का देकर हत्या को हादसे का रूप देने की कोशिश की। हालांकि, इस पूरे मामले में अब चेतन चौधरी का परिवार खुलकर उसके बचाव में सामने आया है और पुलिस की थ्योरी पर सवाल उठा रहा है।

पिता बोले – बेटे को झूठे मामले में फंसाया जा रहा है

चेतन चौधरी के पिता बाबूलाल चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनका बेटा पूरी तरह निर्दोष है और उसे गलत तरीके से मामले में फंसाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि परिवार ने सिया गोयल को पहले कभी नहीं देखा था और पुलिस स्टेशन में ही पहली बार उसके बारे में जानकारी मिली। बाबूलाल के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद जब उनकी चेतन से मुलाकात हुई तो उसने साफ कहा कि घटना के समय वह केतन और सिया से काफी दूर खड़ा था। उन्होंने कहा कि उनका बेटा परिवार की किराना दुकान में मदद करता है और मेहनती तथा जिम्मेदार युवक है। ऐसे में उस पर हत्या जैसी गंभीर साजिश में शामिल होने का आरोप परिवार के लिए विश्वास से परे है।

पुलिस की कार्रवाई पर भी उठाए सवाल

चेतन के पिता ने पुलिस की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि शुरुआत में पुलिस ने परिवार को बताया था कि मामला किसी धोखाधड़ी से जुड़ा है और जल्द ही चेतन को छोड़ दिया जाएगा। बाद में उन्हें पता चला कि पुलिस इस मामले को हत्या की साजिश के रूप में देख रही है। बाबूलाल चौधरी का कहना है कि उनका बेटा ऐसा अपराध नहीं कर सकता और उन्हें विश्वास है कि अदालत में सच सामने आएगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सिया गोयल खुद को बचाने के लिए चेतन पर दोष मढ़ने की कोशिश कर रही है।

पुलिस अपने आरोपों पर कायम, जांच जारी

वहीं, चेतन चौधरी के चाचा उदयराम चौधरी ने भी उसके चरित्र का बचाव करते हुए कहा कि वह एक खिलाड़ी है और बाजार में उसके खिलाफ कभी कोई शिकायत नहीं रही। उन्होंने दावा किया कि चेतन ने उनसे मुलाकात के दौरान रोते हुए कहा कि उसे झूठा फंसाया जा रहा है। दूसरी ओर, पुलिस अपने आरोपों पर कायम है। जांच अधिकारियों का कहना है कि उनके पास ऐसे सबूत हैं जो सिया और चेतन की कथित साजिश की ओर इशारा करते हैं। पुलिस का दावा है कि घटना के समय चेतन लोहगढ़ किले पर मौजूद था और दोनों ने मिलकर केतन को खाई में धक्का दिया। 23 जून को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल पुलिस गवाहों के बयान, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य सबूतों की गहन जांच कर रही है, जबकि मामले को लेकर दोनों पक्षों के दावों के बीच सच्चाई सामने आने का इंतजार है।