मंगेतर, प्रेमी और मौत की साजिश: पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड ने चौंकाया

    24-Jun-2026
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- ट्रेकिंग हादसा समझी गई मौत ने लिया हत्या का रूप

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पुणे। युवा कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत का मामला अब एक सनसनीखेज हत्याकांड में बदल गया है। 18 जून को लोनावला के पास स्थित ऐतिहासिक लोहागढ़ किले पर ट्रेकिंग के दौरान केतन की गहरी खाई में गिरने से मौत हो गई थी। शुरुआती तौर पर इसे एक दुर्घटना माना गया था, लेकिन पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया। अब पुलिस का दावा है कि यह कोई हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या थी। मामले में केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया गया है। इस खुलासे के बाद पूरे महाराष्ट्र में इस मामले की चर्चा हो रही है।

मंगेतर और प्रेमी पर रची गई साजिश का आरोप
पुलिस जांच के अनुसार, सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे। आरोप है कि सिया शादी नहीं करना चाहती थी और केतन उसके तथा चेतन के रिश्ते के बीच बाधा बन रहा था। इसी वजह से दोनों ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने केतन को ट्रेकिंग के बहाने लोहागढ़ किले पर बुलाया और वहां उसे खाई में धक्का दे दिया। इसके बाद पूरे घटनाक्रम को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई, ताकि किसी को शक न हो।

परिवार के संदेह ने खोली मामले की परतें
मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब केतन के परिवार ने दुर्घटना की थ्योरी पर सवाल उठाए। परिजनों का कहना था कि केतन एक अनुभवी ट्रेकर था और ऐसी परिस्थितियों में उसका संतुलन खोकर गिरना असामान्य था। परिवार की मांग पर पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों की जांच की गई। पुलिस को कई ऐसे सबूत मिले, जिनसे सिया और चेतन की भूमिका संदिग्ध दिखाई दी।

पहले भी हुई थी नुकसान पहुंचाने की कोशिश?
जांच एजेंसियां इस संभावना की भी पड़ताल कर रही हैं कि केतन को नुकसान पहुंचाने की कोशिश पहले भी की गई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस को कुछ ऐसे संकेत मिले हैं जिनसे पता चलता है कि यह हत्या अचानक नहीं बल्कि लंबे समय से बनाई जा रही योजना का हिस्सा हो सकती है। अधिकारियों का मानना है कि 18 जून की घटना पूर्व नियोजित साजिश का अंतिम चरण थी। हालांकि इस संबंध में अभी विस्तृत जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

अदालत में होगा अंतिम फैसला

फिलहाल सिया गोयल और चेतन चौधरी पुलिस हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी जानकारियों का विश्लेषण कर रही हैं ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाई जा सके। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस कथित साजिश में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। हालांकि पुलिस ने गंभीर आरोप लगाए हैं, लेकिन कानून के अनुसार आरोपियों को तब तक दोषी नहीं माना जा सकता जब तक अदालत में उनके खिलाफ आरोप सिद्ध नहीं हो जाते। अब इस बहुचर्चित मामले पर सबकी निगाहें जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हैं।