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इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में नीट (NEET) की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में तीसरी मंजिल से गिरकर मौत हो गई। मृतका की पहचान धार जिले के बलवारी खुर्द निवासी अवंतिका मौर्य के रूप में हुई है। बताया जाता है कि अवंतिका पिछले तीन वर्षों से इंदौर में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही थी। वह अपनी बड़ी बहन डॉ. सपना मौर्य के साथ रहती थी। घटना गुरुवार रात की है, जब वह अपने चचेरे भाई से मोबाइल फोन पर बात कर रही थी। बातचीत के दौरान वह छत पर चली गई। कुछ देर बाद वह इमारत की तीसरी मंजिल से नीचे गिर गई। गंभीर हालत में उसे पहले एक निजी अस्पताल और बाद में एमवाय अस्पताल ले जाया गया, जहां शुक्रवार सुबह उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद पूरे परिवार और क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।
डॉक्टर बनने का सपना, लेकिन बढ़ता जा रहा था दबाव
परिजनों के अनुसार अवंतिका का सपना डॉक्टर बनने का था और इसी लक्ष्य को लेकर वह लगातार मेहनत कर रही थी। वह पहले से ही एक फार्मेसी कॉलेज में अध्ययनरत थी, लेकिन मेडिकल क्षेत्र में प्रवेश पाने की इच्छा के चलते नीट की तैयारी जारी रखे हुए थी। परिवार का कहना है कि हाल के दिनों में वह मानसिक तनाव से गुजर रही थी। नीट परीक्षा को लेकर सामने आई अनियमितताओं, पेपर लीक और विवादों की खबरों ने भी उसके मन में भविष्य को लेकर अनिश्चितता पैदा कर दी थी। हालांकि पुलिस ने अभी तक आत्महत्या की पुष्टि नहीं की है और मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
पिता की भावुक अपील—‘परीक्षा जीवन का अंत नहीं’
अवंतिका के पिता डॉ. बंशीलाल मौर्य, जो खरगोन जिले के भीकनगांव में मेडिकल ऑफिसर हैं, घटना के समय इंदौर में ही मौजूद थे। उन्होंने बताया कि उन्हें स्थानीय लोगों से घटना की सूचना मिली थी। उन्होंने कहा कि बेटी पिछले कुछ समय से तनावग्रस्त दिखाई दे रही थी, लेकिन उसने ऐसा कदम क्यों उठाया, यह कोई नहीं जानता। उन्होंने अन्य नीट अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों से सकारात्मक रहने की अपील करते हुए कहा कि परीक्षा जीवन का केवल एक हिस्सा है। यदि एक अवसर हाथ से निकल जाए तो जीवन में आगे बढ़ने के लिए कई अन्य रास्ते और संभावनाएं मौजूद रहती हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।