संजय दीना पाटिल की बेटी के ट्वीट से बढ़ा सस्पेंस, राजूल पाटिल आखिर किस शिवसेना के साथ?

    19-Jun-2026
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शिवसेना स्थापना दिवस पर पोस्ट ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल

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एबी न्यूज़ नेटवर्क। ‘ऑपरेशन टाइगर’ के तहत उद्धव ठाकरे गुट से सांसदों के एक-एक कर अलग होने की घटनाओं के बीच उत्तर-पूर्व मुंबई के सांसद संजय दीना पाटिल के शिंदे गुट में शामिल होने की खबर ने राजनीति में हलचल मचा दी है। इसी बीच उनकी बेटी और ठाकरे गुट की नगरसेविका राजूल पाटिल के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने नया सस्पेंस खड़ा कर दिया है। शुक्रवार को शिवसेना स्थापना दिवस के अवसर पर राजूल पाटिल ने उद्धव ठाकरे गुट को शुभकामनाएं देते हुए एक पोस्ट साझा की। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा शुरू हो गई कि आखिर राजूल पाटिल किस शिवसेना के साथ हैं। उनके पिता संजय दीना पाटिल ने जहां ठाकरे गुट का साथ छोड़ दिया है, वहीं बेटी के इस कदम ने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को भी असमंजस में डाल दिया है। राजूल पाटिल से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका पक्ष सामने नहीं आ सका।

संजय दीना पाटिल के फैसले से नाराज हैं कार्यकर्ता
संजय दीना पाटिल ने 2024 का लोकसभा चुनाव उत्तर-पूर्व मुंबई सीट से उद्धव ठाकरे गुट के उम्मीदवार के रूप में लड़ा था। भाजपा के मजबूत गढ़ माने जाने वाले इस क्षेत्र में महाविकास आघाड़ी के समर्थन के दम पर उन्होंने अप्रत्याशित जीत दर्ज की थी। चुनाव के दौरान शिवसैनिकों और पार्टी पदाधिकारियों ने उनके लिए कड़ी मेहनत की थी। इतना ही नहीं, मुंबई महानगरपालिका चुनावों में ठाकरे गुट ने उनकी बेटी राजूल पाटिल को भी उम्मीदवार बनाया था। इसके बावजूद संजय दीना पाटिल के शिंदे गुट का दामन थामने की खबरों ने स्थानीय शिवसैनिकों को नाराज कर दिया है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जिन लोगों ने भीषण गर्मी में प्रचार कर उन्हें जिताने के लिए मेहनत की, उनके विश्वास को ठेस पहुंची है।

मातोश्री की बैठक में दिया था वफादारी का भरोसा
‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चाओं के बीच 14 जून को मातोश्री में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में संजय दीना पाटिल भी मौजूद थे। बताया जाता है कि उन्होंने उद्धव ठाकरे के समक्ष पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा बनाए रखने का भरोसा दिया था। यहां तक कि जब उनके शिंदे गुट में जाने की खबरें सामने आने लगीं, तब भी उन्होंने सार्वजनिक रूप से इसे नकारा था। हालांकि बाद के घटनाक्रम ने अलग तस्वीर पेश की। इस वजह से उनके रुख को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष और सवाल दोनों बढ़ गए हैं।

बैठक में नहीं पहुंचे, जारी हुआ कारण बताओ नोटिस
शुक्रवार को आयोजित एक अन्य बैठक में भी संजय दीना पाटिल के शामिल होने की पुष्टि की गई थी, लेकिन वे बैठक में नहीं पहुंचे। सूत्रों के अनुसार बैठक स्थल से उन्हें कई बार फोन किया गया। हर बार उन्होंने जल्द पहुंचने का आश्वासन दिया और यहां तक कहा कि वे फ्लाइट पकड़कर आ रहे हैं। बावजूद इसके वे बैठक में उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद उद्धव ठाकरे से चर्चा कर पार्टी की ओर से उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया। वहीं दूसरी ओर, राजूल पाटिल के ट्वीट ने यह सवाल और गहरा कर दिया है कि पिता और बेटी की राजनीतिक राह अब एक है या अलग-अलग। फिलहाल इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है, जिससे ठाकरे गुट के नेताओं और कार्यकर्ताओं में भी भ्रम की स्थिति बनी हुई है।