ऑपरेशन टाइगर के बीच ठाकरे के साथ डटे रहे राजाभाऊ वाजे, पिता के गले लगते ही छलक पड़े आंसू

    19-Jun-2026
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- नासिक पहुंचने पर हुआ भव्य स्वागत

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एबी न्यूज़ नेटवर्क। दिल्ली में ‘ऑपरेशन टाइगर’ और शिवसेना की सियासत में आए भूचाल के बीच शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नासिक सांसद राजाभाऊ वाजे पहली बार अपने गृह नगर पहुंचे। ठाकरे गुट के छह सांसदों के पार्टी छोड़ने की चर्चाओं के बीच राजाभाऊ वाजे ने पार्टी और उद्धव ठाकरे के प्रति अपनी निष्ठा कायम रखी। नासिक रोड रेलवे स्टेशन पर उनके पहुंचते ही शिवसैनिकों ने ढोल-ताशों और जोरदार नारों के साथ उनका भव्य स्वागत किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक उनके स्वागत के लिए मौजूद रहे। राजनीतिक घटनाक्रम के बीच यह स्वागत शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा गया। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम का सबसे भावुक दृश्य तब सामने आया जब सांसद अपने घर पहुंचे।

पिता के आशीर्वाद ने भावुक कर दिया सांसद को
रेलवे स्टेशन से सीधे अपने घर पहुंचे राजाभाऊ वाजे ने सबसे पहले अपने पिता प्रकाश वाजे का आशीर्वाद लिया। घर में प्रवेश करते ही उन्होंने पिता के चरण स्पर्श किए। बेटे की निष्ठा और दृढ़ता पर गर्व महसूस करते हुए पिता ने उनकी पीठ थपथपाई और उन्हें गले से लगा लिया। पिछले कई दिनों से राजनीतिक दबाव और लगातार चल रही चर्चाओं के बीच यह पल राजाभाऊ वाजे के लिए बेहद भावुक साबित हुआ। पिता का स्नेह और समर्थन पाकर वे अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। पिता-पुत्र के इस भावुक मिलन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे पारिवारिक मूल्यों तथा राजनीतिक निष्ठा का प्रतीक बता रहे हैं।

करोड़ों के प्रस्ताव को बताया गया ठुकराया गया ऑफर
राजनीतिक गलियारों में चर्चा रही कि शिंदे गुट ने राजाभाऊ वाजे को अपने पक्ष में लाने के लिए लगातार प्रयास किए। शिवसेना नेता संजय राउत ने आरोप लगाया था कि सांसदों को 15 करोड़ रुपये की ‘टोकन राशि’ और 100 करोड़ रुपये तक के विकास कार्यों का प्रस्ताव दिया जा रहा था। बताया जाता है कि 14 अप्रैल को शिंदे गुट के दो पदाधिकारी सिन्नर स्थित वाजे परिवार के घर पहुंचे थे और करीब ढाई घंटे तक बातचीत की थी। इस दौरान उन्होंने प्रकाश वाजे को भी मनाने की कोशिश की, लेकिन परिवार ने किसी भी प्रकार के राजनीतिक या आर्थिक प्रलोभन को स्वीकार नहीं किया। अंततः वाजे परिवार ने ठाकरे गुट के साथ बने रहने का निर्णय लिया और अपनी राजनीतिक प्रतिबद्धता को प्राथमिकता दी।

दिल्ली में भी छलके थे आंसू
इससे पहले दिल्ली में संजय राउत के निवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी राजाभाऊ वाजे भावुक हो गए थे। उस दौरान संजय राउत ने बालासाहेब ठाकरे, शिवसेना और शिवसैनिकों के रिश्ते का उल्लेख करते हुए राजाभाऊ वाजे की निष्ठा की सराहना की थी। पार्टी के सामने खड़े संकट और टूटन की स्थिति को लेकर चर्चा के दौरान वाजे की आंखें नम हो गई थीं। उस घटना ने भी पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच उनकी छवि को और मजबूत किया था।

‘मैं कहीं नहीं जाने वाला’, बोले राजाभाऊ वाजे
नासिक रोड रेलवे स्टेशन पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए राजाभाऊ वाजे ने स्पष्ट कहा कि वे उसी विचारधारा के प्रति प्रतिबद्ध हैं, जिसके आधार पर जनता ने उन्हें चुना है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का संतोष है कि उन्होंने सही निर्णय लिया और वे पूरी ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। वाजे ने कहा कि उन्हें किसी प्रकार का आर्थिक प्रस्ताव नहीं मिला और उन्हें कार्यकर्ताओं का जो प्रेम मिल रहा है, वही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, “मैं कहीं नहीं जाने वाला। शिवसेना इस संकट से उबरकर और मजबूत होकर सामने आएगी।” साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि एक समय वे विधायक थे तब शिवसेना एक थी, लेकिन आज सांसद रहते हुए पार्टी दो गुटों में बंटी हुई है, जो दुखद स्थिति है।