‘कूल, शांत और टोटल किलर’: ट्रंप ने की पीएम मोदी की तारीफ! भारत-ईयू संबंधों को मिली नई गति

    17-Jun-2026
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एवियन/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को फ्रांस के एवियन में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ त्रिपक्षीय बैठक की। यह बैठक ऐसे समय हुई है जब भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के पूरा होने के बाद दोनों पक्ष रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने की कोशिश कर रहे हैं। इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान वैश्विक चुनौतियों, आर्थिक साझेदारी और भविष्य के सहयोग पर व्यापक चर्चा हुई। बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी मुलाकात की संभावना जताई जा रही है, जिससे इस दौरे का कूटनीतिक महत्व और बढ़ गया है।

ट्रंप ने की मोदी की खुलकर प्रशंसा
बैठक के दौरान आयोजित कार्यकारी लंच में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हल्के-फुल्के अंदाज में प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा करते हुए उन्हें “शांत, कूल और टोटल किलर” बताया। ट्रंप ने मुस्कुराते हुए मोदी की ओर इशारा करते हुए कहा, “पीएम मोदी की तरह शांत, कूल और पूरी तरह प्रभावशाली मैं नहीं हूं। उन्हें देखिए।” ट्रंप की यह टिप्पणी जल्द ही चर्चा का विषय बन गई। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मोदी और ट्रंप के बीच व्यक्तिगत संबंधों और आपसी सम्मान की चर्चा पहले भी होती रही है। इस बयान को दोनों नेताओं के बीच मजबूत राजनीतिक और कूटनीतिक समीकरण के रूप में देखा जा रहा है।

आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने पर जोर
बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यूरोपीय नेताओं के साथ उनकी बातचीत सकारात्मक और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए हुई। उन्होंने याद दिलाया कि इसी वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह में भारत ने यूरोपीय नेताओं की मेजबानी की थी और तब से भारत-ईयू संबंधों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुक्त व्यापार समझौते का निष्कर्ष दोनों पक्षों की आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इससे व्यापार, निवेश, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में नए अवसर खुलेंगे।

वैश्विक शांति और स्थिरता में साझेदारी की भूमिका
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच बढ़ती साझेदारी केवल आर्थिक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि को भी बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान भू-राजनीतिक चुनौतियों के दौर में समान विचारधारा वाले देशों के बीच सहयोग पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। भारत और ईयू ने हरित ऊर्जा, डिजिटल परिवर्तन, आपूर्ति श्रृंखला और वैश्विक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह साझेदारी आने वाले वर्षों में वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकती है।