नागपुर से हैदराबाद का सफर होगा आसान, साढ़े तीन घंटे में पहुंच सकेंगे यात्री: गडकरी

    15-Jun-2026
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नागपुर। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि आने वाले कुछ वर्षों में नागपुर से हैदराबाद की लगभग 500 किलोमीटर की दूरी सड़क मार्ग से मात्र साढ़े तीन घंटे में तय की जा सकेगी। उन्होंने बताया कि दोनों शहरों को जोड़ने वाले एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और इसका आधे से अधिक हिस्सा पूरा हो चुका है। गडकरी ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने नागपुर-चंद्रपुर छह लेन राजमार्ग को मंजूरी दे दी है, जबकि चंद्रपुर के चारों ओर बनने वाला रिंग रोड हैदराबाद तक निर्बाध संपर्क प्रदान करेगा। उन्होंने बताया कि तेलंगाना के मंचेरियल और आगे आंध्र प्रदेश तक सड़क परियोजनाओं पर भी तेजी से काम चल रहा है।

पूर्वी महाराष्ट्र को मिलेगा आर्थिक लाभ
गडकरी ने कहा कि समृद्धि एक्सप्रेसवे का विस्तार गोंदिया तक किया जा रहा है, जिससे छत्तीसगढ़ से संपर्क और मजबूत होगा। इसके लिए रायपुर तक एक स्पर रोड भी प्रस्तावित है। इसके अलावा नागपुर और जबलपुर को जोड़ने वाला नया राजमार्ग भी निर्माणाधीन है। उन्होंने कहा कि पूर्वी महाराष्ट्र विशेष रूप से गढ़चिरौली तेजी से एक प्रमुख स्टील हब के रूप में उभर रहा है। इस क्षेत्र को आंध्र प्रदेश के पूर्वी तट पर स्थित बंदरगाहों से राजमार्ग नेटवर्क के माध्यम से जोड़ा जाएगा। गडकरी के अनुसार, इन परियोजनाओं से माल परिवहन तेज होगा और नागपुर को पूर्वी समुद्री तट के अधिक करीब लाने में मदद मिलेगी, जिससे औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।

देशभर में सुरंग परियोजनाओं पर तेजी से काम

राष्ट्रीय राजमार्ग विकास का उल्लेख करते हुए गडकरी ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) देशभर में लगभग तीन लाख करोड़ रुपये की लागत वाली सुरंग परियोजनाओं पर कार्य कर रहा है। उन्होंने जोजिला सुरंग को विश्व की सबसे लंबी सड़क सुरंगों में से एक बताते हुए इसे भारत की बड़ी उपलब्धि बताया। गडकरी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और अन्य दुर्गम व सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कई सुरंग परियोजनाओं का कार्य प्रगति पर है, जिससे संपर्क व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों को मजबूती मिलेगी।

नागपुर के विकास के लिए कई नई योजनाएं

नितिन गडकरी ने कहा कि आने वाले वर्षों में नागपुर का स्वरूप तेजी से बदलने वाला है। एनएचएआई समर्थित परियोजनाओं के माध्यम से शहर में बड़े निवेश किए जाएंगे और नागरिक सुविधाओं का विस्तार होगा। उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए शहर में 25 किफायती स्विमिंग पूल बनाने की योजना है। इसके अलावा अगले पांच वर्षों में ऐसा खेल बुनियादी ढांचा विकसित किया जाएगा, जहां एक समय में लगभग एक लाख लोग खेल गतिविधियों का लाभ उठा सकेंगे। साथ ही बाजारों और सार्वजनिक स्थलों तक पहुंच को अधिक सुगम बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।