पीएम मोदी को ‘मित्र और मार्गदर्शक’ बताने पर चर्चा में शत्रुघ्न सिन्हा, बोले- ममता बनर्जी के साथ ही रहूंगा

    11-Jun-2026
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Shatrughan Sinha
 Image Source:(Internet)
 
कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच पार्टी सांसद और अभिनेता-राजनेता शत्रुघ्न सिन्हा (Shatrughan Sinha) के एक बयान ने सियासी गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर उन्हें बधाई देते हुए सिन्हा ने मोदी को अपना “मित्र और मार्गदर्शक” बताया। टीएमसी को 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद पार्टी के भीतर असंतोष और विभाजन की खबरों के बीच यह बयान काफी अहम माना जा रहा है। विपक्षी दल के सांसद द्वारा प्रधानमंत्री की खुलकर प्रशंसा किए जाने के बाद राजनीतिक विश्लेषकों ने इसे अलग-अलग नजरिए से देखना शुरू कर दिया है। हालांकि सिन्हा ने स्पष्ट किया कि उनके बयान को किसी राजनीतिक संकेत या दल बदलने की संभावना से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
 
 
मोदी की तारीफ के बाद उठे सवाल, लेकिन निष्ठा पर दिया स्पष्ट संदेश
प्रधानमंत्री मोदी के प्रति सम्मान व्यक्त करने के बाद यह अटकलें तेज हो गईं कि कहीं शत्रुघ्न सिन्हा टीएमसी से दूरी तो नहीं बना रहे हैं। इन चर्चाओं पर विराम लगाते हुए उन्होंने कहा कि उनका पक्ष बदलने का कोई इरादा नहीं है और वे पूरी निष्ठा के साथ ममता बनर्जी तथा तृणमूल कांग्रेस के साथ खड़े हैं। सिन्हा ने कहा कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में उनकी नई पारी ममता बनर्जी के विश्वास और समर्थन के कारण ही शुरू हुई थी। उन्होंने याद किया कि ममता बनर्जी के आग्रह पर उन्होंने आसनसोल से चुनाव लड़ा और पहली ही बार रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल की। इसके बाद उन्होंने दोबारा भी उसी सीट से विजय प्राप्त की और इसके लिए उन्होंने ममता बनर्जी तथा आसनसोल की जनता का आभार व्यक्त किया।
 
कठिन समय में ममता ने दिया साथ
शत्रुघ्न सिन्हा ने 2019 के लोकसभा चुनाव में पटना से मिली हार का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस कठिन दौर में ममता बनर्जी ने उनका मनोबल बढ़ाया और उन्हें सार्वजनिक जीवन में सक्रिय बनाए रखने का अवसर दिया। उनके अनुसार, ममता बनर्जी के निर्देश पर ही उन्होंने आसनसोल से चुनाव लड़ा और जनता के समर्थन से जीत दर्ज की। हाल के दिनों में उनके कथित तौर पर टीएमसी के बागी खेमे से जुड़ने की अटकलों को खारिज करते हुए सिन्हा ने कहा कि सच बोलना यदि बगावत कहलाता है तो वे स्वयं को भी बागी मान सकते हैं, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि वे पार्टी छोड़ देंगे। उन्होंने दो टूक कहा कि जिस नेता ने मुश्किल समय में उनका साथ दिया, उसे संकट के समय छोड़ना उनके स्वभाव में नहीं है।
 
ममता को बताया ‘स्ट्रीट फाइटर’
टीएमसी सांसद ने ममता बनर्जी की राजनीतिक क्षमता और जनसंपर्क कौशल की भी खुलकर सराहना की। उन्होंने उन्हें “स्ट्रीट फाइटर” बताते हुए कहा कि वे हमेशा जनता से जुड़ी रहने वाली नेता रही हैं और आज भी पश्चिम बंगाल में उनका मजबूत जनाधार है। सिन्हा ने कहा कि वे तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिह्न ‘जोड़ा फूल’ पर दो बार सांसद चुने गए हैं, इसलिए पार्टी और उसके नेतृत्व के प्रति उनकी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के साथ हैं, आगे भी रहेंगे और फिलहाल किसी अन्य राजनीतिक दिशा में जाने या दल बदलने का उनका कोई इरादा नहीं है।