- पार्थ पवार के भरोसेमंद माने जाते हैं विक्रम काकड़े

Image Source:(Internet)
मुंबई/पुणे। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में युवा नेता पार्थ पवार का प्रभाव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। विधान परिषद चुनाव के लिए पार्टी द्वारा घोषित उम्मीदवारों की सूची ने इस चर्चा को और बल दे दिया है। विशेष रूप से पुणे स्थानीय स्वराज्य संस्था मतदारसंघ से विक्रम काकड़े को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में यह संदेश गया है कि पार्टी में पार्थ पवार की बात को विशेष महत्व दिया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार विक्रम काकड़े को पार्थ पवार का अत्यंत करीबी सहयोगी माना जाता है। बताया जाता है कि पुणे विधान परिषद सीट को लेकर पार्थ पवार ने स्वयं काकड़े को आश्वासन दिया था और अंततः पार्टी ने उनकी उम्मीदवारी पर मुहर लगा दी। इससे यह धारणा मजबूत हुई है कि एनसीपी के महत्वपूर्ण राजनीतिक निर्णयों में पार्थ पवार की भूमिका निर्णायक बनती जा रही है।
एनसीपी ने दो उम्मीदवारों के नाम किए घोषित
विधान परिषद चुनाव के लिए एनसीपी ने अपनी ओर से दो उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है। पार्टी ने रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग स्थानीय स्वराज्य संस्था मतदारसंघ से अनिकेत तटकरे को उम्मीदवार बनाया है, जबकि पुणे सीट से विक्रम काकड़े को मैदान में उतारा गया है। पार्टी के इस निर्णय को आगामी स्थानीय और क्षेत्रीय राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन दोनों उम्मीदवारों के चयन से पार्टी ने संगठनात्मक संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ युवा नेतृत्व को भी महत्व देने का संकेत दिया है। विशेषकर पुणे सीट पर विक्रम काकड़े की उम्मीदवारी ने पार्टी के अंदर पार्थ पवार की बढ़ती राजनीतिक ताकत को उजागर किया है।
ढाई वर्ष से रिक्त हैं कई विधान परिषद सीटें
राज्य में स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनाव समय पर नहीं होने के कारण विधान परिषद की कई सीटें लंबे समय से रिक्त पड़ी हैं। पूर्व में निर्वाचित विधान परिषद सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद इन सीटों पर चुनाव नहीं हो सके थे। परिणामस्वरूप पिछले दो से ढाई वर्षों से कई सीटें खाली हैं। नियमों के अनुसार स्थानीय स्वराज्य संस्था मतदारसंघों में चुनाव तभी कराए जा सकते हैं, जब कुल संभावित मतदाताओं में से कम से कम 75 प्रतिशत पात्र मतदाता उपलब्ध हों। महाराष्ट्र विधान परिषद में कुल 78 सदस्य हैं, जिनमें से 22 सदस्य स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के माध्यम से चुने जाते हैं। इस बार सोलापुर, अहमदनगर, ठाणे, जळगांव, नांदेड़, सांगली-सातारा, यवतमाल, पुणे, भंडारा-गोंदिया, नाशिक और अमरावती सहित विभिन्न मतदारसंघों के लिए चुनाव आयोजित किए जा रहे हैं।
चुनाव कार्यक्रम घोषित, 18 जून को होगा मतदान
विधान परिषद चुनाव का पूरा कार्यक्रम भी घोषित कर दिया गया है। चुनाव अधिसूचना 25 मई को जारी की गई। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 1 जून निर्धारित की गई है, जबकि नामांकन पत्रों की जांच 2 जून को होगी। उम्मीदवार 4 जून तक अपने नामांकन वापस ले सकेंगे। मतदान 18 जून को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक कराया जाएगा। इसके बाद 22 जून को मतगणना होगी और परिणाम घोषित किए जाएंगे। राजनीतिक दलों ने चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं और विभिन्न मतदारसंघों में समीकरण साधने की कवायद शुरू हो चुकी है। ऐसे में एनसीपी की उम्मीदवार घोषणा और पार्थ पवार की भूमिका आने वाले दिनों में राजनीतिक चर्चा का प्रमुख विषय बनी रहने की संभावना है।