तमिलनाडु में सरकार बनाने का दावा, राज्यपाल से मिले विजय

    06-May-2026
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- TVK ने 108 सीटें जीतकर राजनीति में किया बड़ा धमाका
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एबी न्यूज़ नेटवर्क। तमिलागा वेत्री कझगम (TVK) के प्रमुख और अभिनेता से नेता बने विजय ने बुधवार को तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर से मुलाकात कर राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश किया। विधानसभा चुनाव में TVK 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। विजय ने खुद तिरुचिरापल्ली ईस्ट और पेरंबूर दोनों सीटों से जीत हासिल कर यह साबित कर दिया कि उनकी लोकप्रियता केवल फिल्मों तक सीमित नहीं है। राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर ने पुष्टि की कि उन्हें TVK की ओर से सरकार गठन का औपचारिक पत्र मिला है, जिसमें पार्टी ने बहुमत होने का दावा किया है। राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने विजय से मुलाकात के लिए समय तय किया है और जल्द ही नई सरकार के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। तमिलनाडु की राजनीति में यह घटनाक्रम बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि दशकों से राज्य की राजनीति DMK और AIADMK के इर्द-गिर्द घूमती रही है।

कांग्रेस ने दिया समर्थन, बहुमत के करीब पहुंची TVK
सरकार गठन की दिशा में TVK को कांग्रेस का बड़ा समर्थन मिला है। तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष के. सेल्वापेरुंथगई और पार्टी के राज्य प्रभारी गिरीश चोडणकर ने चेन्नई स्थित TVK मुख्यालय में विजय से मुलाकात कर समर्थन पत्र सौंपा। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में पांच सीटें जीती हैं, जिसके बाद TVK और कांग्रेस गठबंधन का आंकड़ा 113 सीटों तक पहुंच गया है। हालांकि बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत है और गठबंधन अभी पांच सीटें पीछे है। इस स्थिति को देखते हुए TVK ने AIADMK महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) से भी संपर्क साधा है। AIADMK ने चुनाव में 47 सीटें जीती हैं और उसका समर्थन मिलने पर TVK आसानी से बहुमत हासिल कर सकती है। कांग्रेस ने इससे पहले औपचारिक रूप से DMK से अपना गठबंधन खत्म करते हुए TVK को समर्थन देने की घोषणा की थी।

विजय की एंट्री ने बदला तमिलनाडु का राजनीतिक समीकरण
TVK का प्रदर्शन इस चुनाव का सबसे बड़ा राजनीतिक सरप्राइज माना जा रहा है। अपने पहले ही विधानसभा चुनाव में विजय की पार्टी ने 234 में से 108 सीटें जीतकर तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया। वहीं, लंबे समय से सत्ता की मुख्य दावेदार रही DMK केवल 59 सीटों पर सिमट गई, जबकि AIADMK को 47 सीटें मिलीं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय ने राज्य की पारंपरिक “द्रविड़ राजनीति” को चुनौती देते हुए नया राजनीतिक विकल्प पेश किया है। उनकी लोकप्रियता खासतौर पर युवाओं और शहरी मतदाताओं के बीच काफी मजबूत दिखाई दी। चुनाव प्रचार के दौरान विजय ने रोजगार, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक बदलाव जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया, जिसका असर सीधे चुनावी नतीजों में दिखाई दिया।

कांग्रेस के फैसले पर DMK का हमला
कांग्रेस के TVK को समर्थन देने के फैसले पर DMK ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। DMK नेता सरवनन अन्नादुरई ने कांग्रेस पर INDIA गठबंधन के सहयोगियों के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह फैसला “अल्पदृष्टि” वाला है और इसका असर 2029 के लोकसभा चुनावों पर पड़ सकता है। अन्नादुरई ने कहा कि पूरे देश में यह संदेश जा रहा है कि कांग्रेस भरोसेमंद सहयोगी नहीं रही। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि तमिलनाडु में हुए इस बड़े राजनीतिक बदलाव का असर राष्ट्रीय राजनीति पर भी दिखाई दे सकता है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि TVK बहुमत का आंकड़ा कैसे हासिल करती है और विजय कब मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते हैं।