- 9 मई को हो सकता है शपथ ग्रहण समारोह
Image Source:(Internet)
एबी न्यूज़ नेटवर्क। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद भारतीय जनता पार्टी अब राज्य में सरकार गठन की तैयारी में जुट गई है। सूत्रों के मुताबिक नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को आयोजित किया जा सकता है। हालांकि पार्टी नेतृत्व ने अभी तक मुख्यमंत्री पद के लिए किसी नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में तीन बड़े नेताओं के नाम सबसे आगे माने जा रहे हैं। इनमें सुवेंदु अधिकारी, अग्निमित्रा पॉल और समिक भट्टाचार्य शामिल हैं। चुनाव प्रचार से लेकर संगठन विस्तार तक इन तीनों नेताओं ने BJP के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री पद की दौड़ अब बंगाल की राजनीति का सबसे चर्चित विषय बन चुकी है।
सुवेंदु अधिकारी सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे
पूर्व तृणमूल कांग्रेस नेता सुवेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। बंगाल की राजनीति में उनकी पकड़ और जमीनी नेटवर्क BJP के लिए बड़ा हथियार साबित हुआ है। तृणमूल कांग्रेस छोड़ने के बाद वे BJP का सबसे बड़ा चेहरा बनकर उभरे। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और TMC सरकार के खिलाफ आक्रामक अभियान चलाया। कई महत्वपूर्ण सीटों पर कार्यकर्ताओं को संगठित करने और बूथ स्तर तक पार्टी को मजबूत करने में उनकी भूमिका अहम रही। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी जनअपील और संगठन पर पकड़ उन्हें मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे आगे खड़ा करती है।
अग्निमित्रा पॉल ने बनाई युवा और महिला नेतृत्व की पहचान
BJP विधायक और पूर्व फैशन डिजाइनर अग्निमित्रा पॉल भी मुख्यमंत्री पद की प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं। उन्होंने बंगाल की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई है। चुनाव के दौरान उन्होंने महिलाओं और युवा मतदाताओं के बीच लगातार संपर्क अभियान चलाया और राज्य सरकार के खिलाफ मुखर आवाज उठाई। BJP के महिला नेतृत्व को मजबूत करने में उनकी भूमिका को काफी अहम माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर पार्टी युवा और आधुनिक नेतृत्व की छवि पेश करना चाहती है, तो अग्निमित्रा पॉल बड़ा विकल्प बन सकती हैं। उनकी लोकप्रियता खासतौर पर शहरी और युवा वर्ग के बीच तेजी से बढ़ी है।
समिक भट्टाचार्य भी रेस में मजबूत नाम
पश्चिम बंगाल BJP अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य का नाम भी मुख्यमंत्री पद की चर्चा में तेजी से उभरा है। वे लंबे समय से पार्टी और RSS की संगठनात्मक संरचना से जुड़े रहे हैं। पार्टी के भीतर समन्वय बनाए रखने और चुनावी रणनीति तैयार करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। BJP नेताओं का मानना है कि बंगाल में संगठन को मजबूत करने में उनका योगदान काफी बड़ा रहा है। फिलहाल पार्टी नेतृत्व ने अंतिम फैसला सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि 9 मई के शपथ ग्रहण समारोह से पहले मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा कर दी जाएगी। अब पूरे बंगाल की नजर BJP नेतृत्व के अंतिम निर्णय पर टिकी हुई है।