दवा संकट के बीच मेडिकल अस्पताल में एक्सपायर दवाओं का अंबार

    06-May-2026
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नागपुर। नागपर जहां ओपीडी में आने वाले मरीजों को जरूरी दवाएं नहीं मिल पा रही हैं, वहीं दूसरी ओर अस्पताल के गोदामों में ट्रकों भर एक्सपायरी दवाएं पड़ी होने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि करीब 50 प्रतिशत मरीजों को अस्पताल से पूरी दवाएं उपलब्ध नहीं हो रहीं, जिसके कारण उन्हें बाहर की मेडिकल दुकानों से महंगी दवाएं खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

कोविड काल में खरीदा गया अतिरिक्त स्टॉक बना बोझ
सूत्रों के अनुसार कोविड-19 महामारी के दौरान अस्पताल प्रशासन ने बड़ी मात्रा में दवाएं, पीपीई किट, मास्क, सैनिटाइजर और इंजेक्शन का स्टॉक किया था। उस समय संभावित जरूरतों को देखते हुए भारी खरीदारी की गई, लेकिन बाद में इन सामग्रियों का बड़ा हिस्सा इस्तेमाल ही नहीं हो सका। समय पर उपयोग नहीं होने के कारण अब यह स्टॉक एक्सपायर हो चुका है। खासतौर पर कोविड उपचार में इस्तेमाल होने वाले महंगे इंजेक्शन रेमडेसिवीर की बड़ी खेप अब बेकार पड़ी बताई जा रही है।

स्टोरेज की कमी से नई दवाओं पर भी खतरा
अस्पताल परिसर में एक पूरा स्टोरेज रूम एक्सपायर दवाओं से भरा होने की बात सामने आई है। इससे नई दवाओं और मेडिकल सामग्री को रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं बची है। स्थिति यह है कि कुछ नई दवाओं के बॉक्स खुले स्थानों पर रखे जा रहे हैं, जहां गर्मी और बारिश के कारण उनके खराब होने का खतरा बढ़ गया है। इससे अस्पताल की भंडारण व्यवस्था और इन्वेंटरी प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

निपटान प्रक्रिया अटकी, जवाबदेही पर सवाल
एक्सपायर दवाओं और बायोमेडिकल वेस्ट के निपटान की प्रक्रिया भी फिलहाल अधर में बताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक संबंधित एजेंसियों के करीब 25 लाख रुपये के बकाया भुगतान के कारण दवाओं के निपटान में देरी हो रही है। इस पूरे मामले ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली, योजना और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। वहीं मरीजों की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहे असर को लेकर चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।