नागपुर एयरपोर्ट के विस्तार को मिली केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी!

    13-May-2026
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2039 के बाद भी बढ़ेगी लीज अवधि, विकास कार्यों का रास्ता साफ
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नागपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नागपुर एयरपोर्ट विस्तार परियोजना को बड़ी मंजूरी देते हुए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) की उस जमीन की लीज अवधि बढ़ाने को स्वीकृति दे दी है, जो MIHAN इंडिया लिमिटेड (MIL) को दी गई थी। यह लीज पहले 6 अगस्त 2039 तक सीमित थी, लेकिन अब इसके विस्तार से MIL को GMR नागपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (GNIAL) को 30 वर्षों के लिए एयरपोर्ट संचालन सौंपने का मार्ग साफ हो गया है। इस फैसले को नागपुर के डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे को मध्य भारत के बड़े एविएशन और कार्गो हब में बदलने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

लंबे कानूनी विवाद के बाद आगे बढ़ी PPP परियोजना
MIHAN इंडिया लिमिटेड का गठन वर्ष 2009 में AAI और महाराष्ट्र एयरपोर्ट डेवलपमेंट कंपनी (MADC) के संयुक्त उपक्रम के रूप में किया गया था, जिसमें दोनों की हिस्सेदारी क्रमशः 49 और 51 प्रतिशत है। एयरपोर्ट की संपत्तियां MIL को 2009 में हस्तांतरित कर दी गई थीं, लेकिन भूमि सीमांकन संबंधी समस्याओं के कारण लीज डीड समय पर निष्पादित नहीं हो सकी। वर्ष 2016 में MIL ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत एयरपोर्ट संचालन के लिए वैश्विक निविदा जारी की थी, जिसमें GMR एयरपोर्ट्स लिमिटेड सबसे ऊंची बोली लगाने वाली कंपनी बनी। हालांकि 2020 में निविदा प्रक्रिया रद्द कर दी गई, जिसके बाद मामला बॉम्बे हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट के 27 सितंबर 2024 के फैसले के बाद MIL और GNIAL के बीच 8 अक्टूबर 2024 को कंसेशन एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए।

3 करोड़ यात्रियों की क्षमता वाला बनेगा विश्वस्तरीय एयरपोर्ट
कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद अब GNIAL को एयरपोर्ट के आधुनिकीकरण और विस्तार कार्यों को गति देने का रास्ता मिल गया है। प्रस्तावित चरणबद्ध विकास योजना के तहत नागपुर एयरपोर्ट को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया जाएगा, जिसकी अंतिम क्षमता सालाना 3 करोड़ यात्रियों को संभालने की होगी। परियोजना के अंतर्गत यात्री सुविधाओं का विस्तार, आधुनिक कार्गो इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी तथा विदर्भ सहित पूरे मध्य भारत में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से नागपुर देश के प्रमुख विमानन और लॉजिस्टिक्स केंद्रों में शामिल हो सकता है।