नासिक से शुरू हुआ NEET पेपर लीक का जाल, 45 घंटे पहले वायरल हुआ प्रश्नपत्र

    13-May-2026
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एबी न्यूज़ नेटवर्क। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने मंगलवार को 22 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा रद्द कर दी, जब यह सामने आया कि परीक्षा का प्रश्नपत्र एग्जाम से करीब 45 घंटे पहले ही लीक हो चुका था। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस पूरे मामले की शुरुआत महाराष्ट्र के नासिक से हुई, जहां पहली बार प्रश्नपत्र की डिजिटल कॉपी सामने आई। इसके बाद यह पेपर कई राज्यों में तेजी से फैल गया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि पेपर लीक का नेटवर्क अत्याधुनिक तकनीक और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित किया जा रहा था।

30 वर्षीय BAMS छात्र पर लगा मास्टरमाइंड होने का आरोप
जांच एजेंसियों ने इस मामले में नासिक के इंदिरानगर निवासी 30 वर्षीय शुभम खैरनार को हिरासत में लिया है। शुभम BAMS का छात्र बताया जा रहा है। आरोप है कि उसने पुणे के एक संदिग्ध से 10 लाख रुपए में लीक हुआ NEET पेपर खरीदा और बाद में हरियाणा के एक खरीदार को 15 लाख रुपए में बेच दिया। इस सौदे से उसे करीब 5 लाख रुपए का मुनाफा हुआ। रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रश्नपत्र को एक एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप्लीकेशन के माध्यम से साझा किया गया था ताकि इसकी जानकारी सार्वजनिक न हो सके। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह नेटवर्क केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं था, बल्कि कई राज्यों में फैला हुआ था।

मंदिर जाते समय CBI ने किया गिरफ्तार
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मंगलवार दोपहर शुभम खैरनार को उस समय हिरासत में लिया, जब वह कथित तौर पर मंदिर दर्शन के लिए जा रहा था। जांच अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपने बाल कटवाकर लुक बदल लिया था। हालांकि, पुरानी तस्वीरों और तकनीकी निगरानी की मदद से एजेंसियों ने उसकी पहचान कर ली। बाद में लोकल क्राइम ब्रांच (LCB) ने उसे औपचारिक रूप से हिरासत में लिया। दूसरी ओर, शुभम के पिता मधुकर खैरनार ने बेटे पर लगे आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि शुभम का इस रैकेट से कोई संबंध नहीं है, लेकिन यदि जांच में उसका नाम आया है तो निष्पक्ष और गहन जांच होनी चाहिए।

कई राज्यों तक फैला नेटवर्क, हाईटेक तकनीक का इस्तेमाल
जांच में यह भी सामने आया है कि पेपर लीक का नेटवर्क महाराष्ट्र से निकलकर हरियाणा के गुरुग्राम, राजस्थान के जयपुर और सीकर, बिहार, जम्मू-कश्मीर तथा केरल तक पहुंच चुका था। खासतौर पर सीकर, जो देश का बड़ा कोचिंग हब माना जाता है, वहां भी इस नेटवर्क की सक्रियता की बात सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पूरे रैकेट में पोर्टेबल स्कैनर, टेलीग्राम चैनल और शैडो सर्वर जैसी हाईटेक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया। अब CBI और अन्य एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हैं। मामले ने देशभर के छात्रों और अभिभावकों में भारी चिंता पैदा कर दी है, क्योंकि लाखों विद्यार्थियों का भविष्य अब अनिश्चितता में नजर आ रहा है।