- असम में प्रशिक्षण के दौरान हुआ हादसा
Image Source:(Internet)
AB News Network :
असम में भारतीय वायुसेना का एक सुखोई-30 लड़ाकू विमान (Sukhoi-30 fighter jet) दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें दो युवा अधिकारियों की मौत हो गई. इस हादसे में स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर ने अपनी जान गंवा दी. विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर सामने आते ही भारतीय वायुसेना और रक्षा क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई. बताया जा रहा है कि यह हादसा असम में प्रशिक्षण मिशन के दौरान हुआ. दुर्घटना के बाद वायुसेना की बचाव और जांच टीमें मौके पर पहुंच गईं और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी गई है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार विमान के क्रैश होने के कारणों की पड़ताल की जा रही है. वहीं इस दुखद घटना में दो युवा और होनहार अधिकारियों के निधन पर देशभर में शोक व्यक्त किया जा रहा है.
नागपुर से था पुरवेश दुरागकर का नाता
इस हादसे में जान गंवाने वाले फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर का संबंध महाराष्ट्र के नागपुर से बताया जा रहा है. जानकारी के अनुसार वे महाराष्ट्र एयर स्क्वाड्रन एनसीसी नंबर-2 के एल्युमनी भी रहे हैं. उनके निधन की खबर जैसे ही सामने आई, नागपुर में शोक का माहौल छा गया. उनके परिचितों, मित्रों और एनसीसी से जुड़े लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया है. हालांकि रक्षा मंत्रालय या भारतीय वायुसेना की ओर से अभी तक आधिकारिक रूप से यह पुष्टि नहीं की गई है कि उनका स्थायी संबंध नागपुर से ही था. इस संबंध में नागपुर एनसीसी के ग्रुप कमांडर ग्रुप कैप्टन खुशाल व्यास ने बताया कि पुरवेश दुरागकर का नागपुर से संबंध रहा है, लेकिन विस्तृत और आधिकारिक जानकारी रक्षा विभाग के अधिकृत प्रवक्ता के माध्यम से ही जारी की जाएगी.
एनसीसी से शुरू हुआ वायुसेना तक का सफर
फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर का सफर एनसीसी से शुरू होकर भारतीय वायुसेना तक पहुंचा. उन्होंने जुलाई 2017 में एनसीसी जॉइन किया था और वर्ष 2020 में अपना प्रशिक्षण पूरा किया. नागपुर के डॉ. आंबेडकर कॉलेज के छात्र रहे पुरवेश महाराष्ट्र एयर स्क्वाड्रन से जुड़े थे. एनसीसी में उन्होंने सार्जेंट (सीडीटी एसजीटी) के रूप में जिम्मेदारी निभाई और अपने अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और समर्पण के कारण साथियों और अधिकारियों के बीच विशेष पहचान बनाई. वर्ष 2018 में वे ऑल इंडिया वायु सैनिक कैंप (AIVSC) का भी हिस्सा रहे, जो एनसीसी का एक प्रतिष्ठित प्रशिक्षण शिविर माना जाता है. इस कैंप में चयन होना उनके प्रतिभाशाली और अनुशासित कैडेट होने का प्रमाण माना जाता है.
डिफेंस अकादमी से पूरा किया वायुसेना में जाने का सपना
पुरवेश दुरागकर ने भारतीय वायुसेना में अधिकारी बनने का सपना भंडारा जिले के शाहापुर स्थित प्रो. नरेंद्र पालांदुरकर की डिफेंस सर्विसेज अकादमी में प्रशिक्षण लेकर पूरा किया. यहीं से उन्होंने रक्षा सेवाओं में प्रवेश की तैयारी की और डिफेंस प्रवेश परीक्षा पास कर वायुसेना में अधिकारी बने. उनके समर्पण और मेहनत की चर्चा अक्सर उनके साथियों और शिक्षकों के बीच होती थी. एक साधारण छात्र से भारतीय वायुसेना के अधिकारी तक का उनका सफर युवाओं के लिए प्रेरणा माना जाता है. वहीं असम में हुए इस दुखद विमान हादसे ने नागपुर सहित पूरे विदर्भ को गहरे शोक में डुबो दिया है और हर कोई देश के इन बहादुर जवानों को श्रद्धांजलि दे रहा है.