भीषण गर्मी से जानवरों को राहत! महाराज बाग चिड़ियाघर में लगाए गए कूलर, बढ़ाए गए विशेष इंतजाम

    13-Mar-2026
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- गर्मी बढ़ते ही प्रशासन अलर्ट

नागपुर। नागपुर में मार्च के महीने में ही गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। तापमान अभी 40 डिग्री सेल्सियस तक नहीं पहुंचा है, लेकिन तेज धूप और उमस ने लोगों के साथ-साथ जानवरों के लिए भी चुनौती पैदा कर दी है। इसी को ध्यान में रखते हुए शहर के मध्य स्थित महाराज बाग चिड़ियाघर प्रशासन ने जानवरों को भीषण गर्मी से बचाने के लिए विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। होली के बाद तापमान में तेजी से बढ़ोतरी को देखते हुए चिड़ियाघर प्रबंधन ने कई एहतियाती कदम उठाए हैं, ताकि यहां रहने वाले पशु-पक्षियों को गर्मी से राहत मिल सके। अधिकारियों के अनुसार, नागपुर की गर्मियां बेहद कड़ी होती हैं, इसलिए हर साल पहले से तैयारी करना जरूरी होता है। इसी क्रम में इस बार भी समय रहते व्यवस्थाएं मजबूत की गई हैं, ताकि लगभग 250 पशु-पक्षियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर कोई असर न पड़े।

10 बड़े कूलर लगाए, कई बाड़ों में छाया की व्यवस्था
महाराज बाग चिड़ियाघर में बढ़ती गर्मी को देखते हुए विभिन्न बाड़ों में 10 बड़े एयर कूलर लगाए गए हैं। इन कूलरों को मुख्य रूप से उन स्थानों पर लगाया गया है जहां जानवर अपेक्षाकृत बंद स्थानों में रहते हैं और जहां प्राकृतिक वेंटिलेशन कम होता है। तेंदुए, स्लॉथ बियर और बंदरों के बाड़ों में इन कूलरों से विशेष राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं बड़े खुले बाड़ों में रहने वाले बाघ जैसे जानवरों के लिए पानी के छोटे-छोटे तालाब बनाए गए हैं, ताकि वे प्राकृतिक तरीके से खुद को ठंडा रख सकें। इसके अलावा कई बाड़ों के ऊपर हरे रंग के शेड नेट लगाए गए हैं, जो सीधी धूप को रोककर वातावरण को अपेक्षाकृत ठंडा बनाए रखते हैं। इन उपायों से चिड़ियाघर के भीतर तापमान को नियंत्रित रखने में काफी मदद मिल रही है।

शाकाहारी जानवरों और पक्षियों के लिए भी विशेष इंतजाम
चिड़ियाघर में रहने वाले शाकाहारी जानवरों, जैसे चीतल (स्पॉटेड डियर) और ब्लैकबक, के लिए भी विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। उनके आवासों को शेड नेट से ढका गया है और आसपास घनी हरियाली व पौधारोपण किया गया है, जिससे गर्मी का असर कम हो सके। वहीं पक्षियों के लिए बने एवियरी में भी अलग से कूलर, छाया की व्यवस्था और पर्याप्त पानी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। चिड़ियाघर के कर्मचारियों द्वारा नियमित रूप से पिंजरों और आसपास के क्षेत्रों में पानी का छिड़काव भी किया जा रहा है, जिससे वातावरण में नमी बनी रहे और तापमान कम महसूस हो। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गर्मी का असर किसी भी पशु या पक्षी के स्वास्थ्य पर न पड़े।

खानपान में बदलाव और लगातार निगरानी
महाराज बाग चिड़ियाघर के प्रभारी अधिकारी डॉ. सुनील बावसकर ने बताया कि गर्मी को ध्यान में रखते हुए सभी जानवरों के लिए पहले से सावधानी बरती जा रही है। दिनभर उन्हें ताजा और ठंडा पीने का पानी उपलब्ध कराया जा रहा है और उनके खान-पान व स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जा रही है। गर्मी से बचाव के लिए उनके आहार में तरबूज, खरबूजा और खीरा जैसे मौसमी फल शामिल किए जा रहे हैं, जो शरीर में पानी की कमी को पूरा करते हैं। जरूरत के अनुसार कुछ जानवरों को ग्लूकोज पानी, इलेक्ट्रोलाइट्स और मल्टीविटामिन भी दिए जाएंगे। चिड़ियाघर में लगाए गए कूलर सुबह 10 बजे से शाम तक चलाए जाएंगे और सुरक्षा कारणों से रात में बंद कर दिए जाएंगे। हालांकि, चिड़ियाघर परिसर में मौजूद घनी हरियाली और पेड़ों की छाया यहां के वातावरण को शहर के अन्य हिस्सों की तुलना में स्वाभाविक रूप से ठंडा बनाए रखने में मदद करती है।