- रात 11.40 बजे डार्ट मारकर किया बेहोश
- चिमूर के जंगल से ब्रह्मपुरी ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर पहुंचाया

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चंद्रपुर। विदर्भ में मानव-वन्यजीव संघर्ष के बीच तीन लोगों की जान लेने वाले पांच वर्षीय नर बाघ को आखिरकार वन विभाग की टीम ने पकड़ लिया। बाघ की पहचान टीएटीआर 189 (बीआरए टी130) के रूप में की गई है। उसे चंद्रपुर जिले के चिमूर वन परिक्षेत्र के गड़गांव बीट में रात 11.40 बजे ट्रैंकुलाइजिंग डार्ट मारकर बेहोश किया गया। इसके बाद रात 12.10 बजे उसे स्ट्रेचर पर लाया गया। 12.25 बजे तक उसकी शारीरिक प्रतिक्रियाओं की जांच और आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी कर ली गई। फिर उसे ब्रह्मपुरी स्थित ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर में स्थानांतरित किया गया। इस कार्रवाई के साथ ही क्षेत्र के गांवों में पिछले कई दिनों से बना बाघ का डर कम होने की उम्मीद है।
लगातार लोकेशन बदल रहा था बाघ
इस बाघ ने चिमूर वन परिक्षेत्र में दो और पड़ोसी ब्रह्मपुरी वन विभाग क्षेत्र में एक व्यक्ति को अपना शिकार बनाया था। इसके बाद जंगल से सटे गांवों में दहशत का माहौल था। वन विभाग की टीम को उसे पकड़ने में काफी मशक्कत करनी पड़ी, क्योंकि वह लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था और मानवीय गतिविधियों को भांपकर बच निकलता था। अभियान का नेतृत्व ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व की रैपिड रेस्क्यू टीम के प्रमुख डॉ. रविकांत खोब्रागड़े ने किया। उनके साथ शूटर अजय मराठे, ब्रह्मपुरी के जीवविज्ञानी राकेश आहूजा और वन विभाग के कर्मचारी शामिल थे। करीब दो सप्ताह से जारी तनावपूर्ण अभियान के सफल होने से वन अधिकारियों ने राहत की सांस ली है।