- सड़क हादसे के बाद लोगों ने किया चक्काजाम
- करीब 3 किमी तक लगी वाहनों की कतार; एनएमसी की टीम ने रातभर की कार्रवाई

नागपुर। गोधनी रोड पर सड़क हादसे में महिला की मौत के बाद नागरिकों के आक्रोश और विरोध प्रदर्शन का असर मंगलवार रात नगर निगम की कार्रवाई के रूप में दिखाई दिया। नागपुर महानगरपालिका (एनएमसी) के अतिक्रमण विरोधी दस्ते ने असामान्य रूप से देर रात तक अभियान चलाते हुए करीब 2.30 बजे तक सड़क किनारे के अतिक्रमण हटाए। मंगलवार शाम करीब 4.30 बजे अश्विनी उर्फ ज्योति पंकज फालके (30) अपने पति और छोटे बेटे के साथ दोपहिया वाहन पर जा रही थीं। झिंगाबाई टाकली रोड पर एक रेस्टोरेंट के सामने तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। हादसे में वह नीचे गिरकर ट्रक के पिछले पहिए के नीचे आ गईं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। पति को मामूली चोट आई, जबकि बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने ट्रक चालक को हिरासत में लिया। घटना के बाद गुस्साए नागरिकों ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया, जिससे करीब 3 किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गई।
गड्ढों और अतिक्रमण को लेकर नागरिकों में आक्रोशप्रदर्शन कर रहे नागरिकों ने सड़क पर गड्ढों, दुकानदारों द्वारा किए गए अतिक्रमण और दिन के समय प्रतिबंध के बावजूद भारी वाहनों की आवाजाही को हादसों की वजह बताया। उनका कहना था कि इस मार्ग पर करीब 20 दिन पहले भी एक महिला की सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। इसके बावजूद सड़क की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया। मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों में डीआईजी (उत्तर) विनिता साहू तथा डीसीपी अन्नपूर्णा सिंह और आदित्य मिर्खेलकर ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन नागरिक शांत नहीं हुए। स्थिति को देखते हुए एनएमसी की मुख्य अभियंता लीना उपाध्याय को मौके पर बुलाया गया। उनके निर्देश पर अतिक्रमण विरोधी दस्ते को कार्रवाई के लिए भेजा गया।
हादसे के स्थान से शुरू हुआ अभियान, रातभर चला बुलडोजरनगर निगम की टीम ने सबसे पहले हादसे वाले स्थान के आसपास अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। इसके बाद अभियान को सड़क के अन्य हिस्सों तक बढ़ाया गया। दुकानदारों को प्रतिक्रिया देने का अधिक समय नहीं मिल पाया, जिसके चलते कई दुकानदारों ने रातभर कार्रवाई का विरोध किया। अधिकारियों के अनुसार, सड़क के इस हिस्से में बचे हुए अतिक्रमण भी बुधवार को हटाए जाएंगे। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि गोधनी रोड पर इतने बड़े स्तर पर रातभर चलने वाली अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई कई वर्षों बाद देखने को मिली है। हादसे के बाद शुरू हुआ यह अभियान सड़क पर अतिक्रमण और यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन की जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े कर रहा है।