प्रेमानंद महाराज के आश्रम को लेकर फालाहारी महाराज के गंभीर आरोप, CBI जांच की मांग

    05-Oct-2026
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- केली कुंज आश्रम में जमीन और संपत्ति से जुड़ी गतिविधियों का लगाया आरोप
- मुख्यमंत्री योगी से सुरक्षा की मांग करेंगे

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मथुरा।
प्रेमानंद महाराज के केली कुंज आश्रम को लेकर श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष फालाहारी महाराज ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। एबीपी न्यूज से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि यमुना खादर क्षेत्र में प्रेमानंद महाराज के नाम पर जमीन से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। फालाहारी महाराज के मुताबिक, इन कथित गतिविधियों की जानकारी मिलने के बाद प्रेमानंद महाराज काफी आहत हुए और उन्होंने केली कुंज आश्रम से दूरी बनाकर करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित बेलवन आश्रम का रुख किया। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे मामले के पीछे कुछ प्रभावशाली लोग हो सकते हैं और उनके खिलाफ आवाज उठाने वालों की जान को भी खतरा हो सकता है। फालाहारी महाराज ने पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की है।

प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा को लेकर CM को लिखेंगे पत्र

फालाहारी महाराज ने कहा कि वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा बढ़ाने की मांग करेंगे। उनका कहना है कि संत की सुरक्षा समाज और देश के हित में महत्वपूर्ण है। उन्होंने केली कुंज आश्रम में दो अलग-अलग समूह होने का भी दावा किया। उनके अनुसार, एक समूह में साधना और ध्यान में लगे संत हैं, जबकि दूसरा कथित तौर पर जमीन और संपत्ति से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय है। फालाहारी महाराज ने आरोप लगाया कि प्रेमानंद महाराज कुछ लोगों की संपत्ति संबंधी गतिविधियों से नाराज थे और यही उनके केली कुंज आश्रम से दूर होने के कारणों में से एक हो सकता है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।

आश्रम में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों के छिपे होने का दावा

फालाहारी महाराज ने आश्रम को लेकर और भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कुछ आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोग आश्रम के भीतर छिपे हुए हैं। उनका आरोप है कि कुछ लोग प्रेमानंद महाराज की लोकप्रियता और छवि का इस्तेमाल कर कई आश्रमों पर नियंत्रण स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई साधु-संत प्रेमानंद महाराज के साथ बेलवन आश्रम चले गए हैं। फालाहारी महाराज के मुताबिक, जमीन और संपत्ति से जुड़े कथित विवादों के कारण संत समाज के भीतर भी चिंता की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने पूरे मामले में निष्पक्ष जांच की जरूरत बताते हुए कहा कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए जा रहे आरोपों में कितनी सच्चाई है। फिलहाल ये सभी आरोप फालाहारी महाराज की ओर से लगाए गए हैं और स्वतंत्र जांच के जरिए इनकी पुष्टि नहीं हुई है।

बच्चों के लापता होने का भी लगाया आरोप

फालाहारी महाराज ने केली कुंज आश्रम से जुड़े कुछ बच्चों के कथित तौर पर लापता होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आशंका जताई कि इसके पीछे आपराधिक गिरोह सक्रिय हो सकते हैं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की। उन्होंने कुछ लोगों पर, जिन्हें उन्होंने जमीन माफिया से जुड़े संत बताया, प्रेमानंद महाराज की छवि खराब करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। फालाहारी महाराज ने मांग की कि आश्रम से जुड़े जमीन, संपत्ति, कथित आपराधिक गतिविधियों और बच्चों के लापता होने जैसे सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच हो। उन्होंने कहा कि CBI जांच से तथ्यों की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है और आरोपों की सत्यता भी स्पष्ट हो सकेगी। गौरतलब है कि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में जांच पूरी होने तक इन्हें आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।