खाद-गैस की किल्लत की अफवाह फैलाकर विपक्ष देश में दहशत का माहौल बना रहा : मोदी

    30-Oct-2026
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- खाड़ी क्षेत्र में तनाव के बीच प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर साधा निशाना
- किसानों को खाद की कमी नहीं होने देने का दिया भरोसा

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एबी न्यूज़ नेटवर्क।
खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितताओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात के बनासकांठा में आयोजित जनसभा में विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल देश में खाद और रसोई गैस की किल्लत को लेकर भ्रामक खबरें और अफवाहें फैलाकर किसानों तथा आम जनता में डर का माहौल पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। मोदी ने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों को देश की प्रगति और विकास पसंद नहीं है। वे मुश्किल परिस्थितियों का फायदा उठाकर लोगों को गुमराह करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि खाड़ी क्षेत्र के हालात से वैश्विक स्तर पर अनिश्चितताएं जरूर पैदा हुई हैं, लेकिन सरकार किसानों और आम नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अफवाहों के कारण खाद खरीदने के लिए किसानों की कतारें लगने और रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर महिलाओं में चिंता पैदा होने का भी उन्होंने उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों का उद्देश्य देश में अव्यवस्था फैलाकर सरकार की छवि खराब करना है।

युद्ध जारी, फिर भी किसानों को खाद की कमी नहीं होने दी
प्रधानमंत्री ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद देश में खाद की उपलब्धता बनाए रखने के लिए सरकार ने लगातार प्रयास किए हैं। उन्होंने कहा कि युद्ध और वैश्विक अस्थिरता के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में उर्वरकों की कीमतों में भारी उछाल आया, लेकिन सरकार ने इसका आर्थिक बोझ किसानों पर नहीं पड़ने दिया। किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने खाद पर सब्सिडी और अन्य व्यवस्थाओं के माध्यम से उन्हें राहत दी है। मोदी ने दावा किया कि उनकी सरकार ने वैश्विक कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद किसानों को खाद की कमी का सामना नहीं करने दिया। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और कृषि क्षेत्र को किसी भी अंतरराष्ट्रीय संकट के प्रभाव से बचाने के लिए जरूरी कदम उठा रही है। इस दौरान उन्होंने खाद की उपलब्धता को लेकर फैल रही अफवाहों पर विश्वास नहीं करने की अपील भी की।

किसानों के खातों में पहुंचे 19 हजार करोड़
सभा के दौरान प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र के लिए सरकार की योजनाओं और आर्थिक सहायता का भी उल्लेख किया। उन्होंने पीएम-किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी करने की जानकारी देते हुए बताया कि देशभर के किसानों के खातों में करीब 19 हजार करोड़ रुपए की राशि हस्तांतरित की गई है। मोदी ने किसानों को देश की अर्थव्यवस्था और विकास का मजबूत स्तंभ बताते हुए कहा कि अन्नदाता को सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि कृषि केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। खेती को आधुनिक बनाने के लिए सरकार तकनीक और नवाचार को बढ़ावा दे रही है। इसी क्रम में उन्होंने बताया कि देश में अब तक किसानों को 26 करोड़ से अधिक सॉइल हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराए जा चुके हैं। इन कार्डों के माध्यम से किसान अपनी मिट्टी की गुणवत्ता और पोषक तत्वों की स्थिति समझकर बेहतर खेती की योजना बना सकते हैं।

बनास डेयरी में दो बायो-सीएनजी प्लांट की रखी आधारशिला
गुजरात दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने बनासकांठा के भिलडी में 127 एकड़ क्षेत्र में विकसित भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर राष्ट्र को समर्पित किया। इसके साथ ही बनास डेयरी की ओर से थराद और राधनपुर में स्थापित किए जाने वाले दो बायो-सीएनजी प्लांट की आधारशिला रखी। इन प्लांट में प्रतिदिन क्रमशः 75 मीट्रिक टन और 100 मीट्रिक टन गोबर का प्रसंस्करण किया जाएगा। इससे पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को नई संभावनाएं मिलने के साथ जैविक कचरे के बेहतर उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री ने बताया कि देश में 12 स्वीकृत हॉर्टिकल्चर क्लस्टर में जमीनी स्तर पर काम शुरू किया जा रहा है। ये क्लस्टर करीब 1.46 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होंगे और 1.3 लाख से अधिक किसानों को लाभ पहुंचाने की उम्मीद है। उत्तर गुजरात के दो क्लस्टर विशेष रूप से आलू उत्पादन पर केंद्रित होंगे।

सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने का भी किया उल्लेख
जनसभा में प्रधानमंत्री ने अपने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने का भी उल्लेख किया। उन्होंने याद दिलाया कि 7 अक्टूबर 2001 को उन्होंने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इस दौरान उन्होंने अपने राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन के सफर को भी याद किया। कार्यक्रम में पारंपरिक चारपाइयों पर बैठने की व्यवस्था देखकर उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में इसका जिक्र किया। अपने संबोधन में मोदी ने कृषि, पशुपालन, तकनीक और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को देश के विकास से जोड़ते हुए कहा कि किसानों को आधुनिक सुविधाएं और आर्थिक मजबूती देना विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जरूरी है।