‘सारा अली खान बहादुर बेटी हैं’, केदारनाथ दर्शन पर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने किया अभिनेत्री का समर्थन

    30-Oct-2026
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- मौलाना के फतवे पर छिड़ी बहस, बोले- संविधान हर नागरिक को अपने धर्म के अनुसार पूजा करने और नास्तिक रहने की भी देता है स्वतंत्रता

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एबी न्यूज़ नेटवर्क।
अभिनेत्री सारा अली खान के केदारनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना करने को लेकर धार्मिक और सामाजिक स्तर पर बहस छिड़ गई है। इस मामले में इस्लामी धर्मगुरु मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी की ओर से फतवा जारी किए जाने के बाद अब तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने अभिनेत्री का समर्थन किया है। उन्होंने सारा को ‘बहादुर बेटी’ बताते हुए कहा कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी इच्छा के अनुसार धर्म अपनाने, पूजा-पद्धति चुनने या नास्तिक रहने की स्वतंत्रता देता है।

समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा कि सारा ने अपने पूर्वजों को याद करते हुए भगवान केदारनाथ के दर्शन किए हैं। उनके अनुसार भारत एक संवैधानिक देश है, जहां किसी भी व्यक्ति पर उसकी आस्था या उपासना के तरीके को लेकर प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता। सारा के मंदिर जाने को लेकर उठे विवाद के बीच जगद्गुरु का यह बयान धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत आस्था के अधिकार को लेकर नई चर्चा का विषय बन गया है।


केदारनाथ में पूजा-अर्चना के बाद जारी हुआ था फतवा
दरअसल, सारा अली खान हाल ही में उत्तराखंड स्थित केदारनाथ मंदिर पहुंची थीं। यहां उन्होंने आम श्रद्धालुओं की तरह दर्शन के लिए कतार में इंतजार किया। इसके बाद हाथ जोड़कर भगवान केदारनाथ की पूजा-अर्चना की और आरती में भी हिस्सा लिया। उनकी मंदिर यात्रा के बाद मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने इस पर आपत्ति जताते हुए इसे इस्लामी शरीयत के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि इस्लाम में किसी दूसरे धर्म की धार्मिक परंपराओं को अपनाने, मंदिर में पूजा करने या अन्य धर्मों के अनुष्ठानों में शामिल होने की अनुमति नहीं है। मौलाना ने सारा के मंदिर में दर्शन करने और पूजा में शामिल होने को शरीयत की दृष्टि से अनुचित करार दिया। उन्होंने अभिनेत्री को गुनाहगार बताते हुए तौबा करने और अल्लाह से माफी मांगने की बात कही। उनके अनुसार यदि सारा ऐसा नहीं करती हैं तो शरीयत की नजर में उनका कृत्य गंभीर पाप माना जाएगा। इस बयान के सामने आने के बाद अभिनेत्री की धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत पसंद को लेकर विवाद बढ़ गया।

‘हर बात पर फतवा जारी करना उसकी गरिमा कम करता है’
मामले में ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सारा के समर्थन में कहा कि कलाकारों को उनके पेशे या धार्मिक स्थलों पर जाने के आधार पर धार्मिक प्रतिबंधों में नहीं बांधा जाना चाहिए। कलाकार फिल्मों में अलग-अलग धर्मों की परंपराओं और रीति-रिवाजों को निभाते हुए दिखाई देते हैं। ऐसे में उनके निजी जीवन और धार्मिक आस्था पर सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने सलमान खान और शाहरुख खान का उदाहरण देते हुए कहा कि दोनों कलाकार अपने घरों में गणेश प्रतिमा स्थापित करते हैं। फिल्मों में मुस्लिम कलाकारों को मंदिर में पूजा करते हुए भी दिखाया जाता है। इसलिए किसी कलाकार के मंदिर जाने या अभिनय के दौरान किसी धर्म की परंपरा निभाने पर फतवा जारी नहीं किया जाना चाहिए। रशीदी ने कहा कि हर छोटे-बड़े मामले पर फतवा जारी करने से उसकी गरिमा प्रभावित होती है। उनके अनुसार सारा अली खान ही नहीं, बल्कि किसी भी मुस्लिम या हिंदू नागरिक को मंदिर, मस्जिद अथवा किसी अन्य धार्मिक स्थल पर जाने का अधिकार है।

धार्मिक स्वतंत्रता को बताया लोकतंत्र की खूबसूरती
मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि भारत के लोकतंत्र की खूबसूरती यही है कि यहां प्रत्येक व्यक्ति को अपनी पसंद और आस्था के अनुसार जीवन जीने का अधिकार है। कोई हिंदू बनकर रह सकता है तो कोई मुस्लिम के रूप में अपनी धार्मिक मान्यताओं का पालन कर सकता है। इसी तरह किसी भी व्यक्ति को अपनी इच्छा से मंदिर या मस्जिद जाने की स्वतंत्रता है। उन्होंने फतवा जारी करने वाले धर्मगुरु के फैसले को गलत बताते हुए कहा कि कलाकारों के निजी धार्मिक व्यवहार को विवाद का विषय नहीं बनाना चाहिए। वहीं, जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने भी संविधान का हवाला देते हुए कहा कि देश में हर व्यक्ति अपनी आस्था के अनुसार पूजा-पाठ करने के लिए स्वतंत्र है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर धार्मिक सहिष्णुता, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और कलाकारों की निजी आस्था को लेकर बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर भी सारा के केदारनाथ दर्शन और उस पर आई प्रतिक्रियाओं को लेकर चर्चा हो रही है।

‘उड़ता तीर’ में आई थीं नजर, अब ‘गोलमाल 5’ की तैयारी
वर्कफ्रंट की बात करें तो सारा अली खान पिछली बार स्पाई-कॉमेडी फिल्म ‘उड़ता तीर’ में नजर आई थीं। इस फिल्म में उन्होंने अभिनेता आयुष्मान खुराना के साथ स्क्रीन साझा की थी। फिल्म में जासूसी और कॉमेडी का मेल देखने को मिला। अब अभिनेत्री आगामी फिल्म ‘गोलमाल 5’ में दिखाई देंगी। दर्शकों को इस फिल्म से काफी उम्मीदें हैं। एक ओर जहां सारा अपने अभिनय और आगामी प्रोजेक्ट्स को लेकर चर्चा में हैं, वहीं केदारनाथ यात्रा के बाद धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ा यह विवाद भी सुर्खियों में बना हुआ है।