- चंद्रपुर के जंगल से 2009 में लाई गई थी तेंदुआ
- जू प्रशासन ने किया पोस्टमार्टम

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नागपुर। महाराजबाग जू में गुरुवार को सबसे उम्रदराज मादा तेंदुओं में शामिल एक तेंदुए की मौत हो गई। 19 वर्षीय मादा तेंदुए की अचानक कार्डियो-रेस्पिरेटरी फेल्योर (हृदय और श्वसन तंत्र के काम करना बंद करने) से मौत हुई। जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह जू कीपर द्वारा उसके बाड़े की सफाई किए जाने के कुछ देर बाद ही तेंदुआ अचानक गिर पड़ा। सूचना मिलते ही जू के पशु चिकित्सक मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक उसकी सांसें और हृदय की धड़कन बंद हो चुकी थीं। जू प्रशासन के अनुसार, इस मादा तेंदुए को 8 जनवरी 2009 को चंद्रपुर के जंगल से महाराजबाग जू लाया गया था। उसकी मौत के बाद सेंट्रल जू अथॉरिटी (सीजेडए) के निर्धारित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) के तहत पोस्टमार्टम किया गया। यह प्रक्रिया जू के प्रभारी अधिकारी डॉ. सुनील बावस्कर की निगरानी में पशु चिकित्सक डॉ. प्रशांत सोनकुसले और डॉ. अभिजीत मोटघरे ने पूरी की। गुरुवार को ही तेंदुए का अंतिम संस्कार भी किया गया।
जू में नए मेहमान लाने की तैयारी
महाराजबाग जू प्रशासन अब सेंट्रल जू अथॉरिटी के एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत नए वन्यजीव लाने की संभावनाएं तलाश रहा है। प्रस्तावित योजना में दो मगरमच्छ (एक नर और एक मादा), तीन एमू और पांच नीलगाय शामिल हैं। इन वन्यजीवों को जू में लाने के लिए ओडिशा के भुवनेश्वर स्थित नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क के अधिकारियों के साथ बातचीत की जा रही है। दोनों जू के बीच प्रस्तावित पशु विनिमय को लेकर चर्चा जारी है। योजना सफल होने पर महाराजबाग जू में वन्यजीवों की विविधता बढ़ेगी और पर्यटकों को नए वन्यजीव देखने का अवसर मिलेगा।