- बोलीं- किसी को भी पार्टी से नहीं निकालना चाहिए, कार्यकर्ताओं को पार्टी पर बोझ नहीं डालना चाहिए

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नागपुर। महाराष्ट्र विधान परिषद के नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में नितेश कराले उर्फ कराले मास्टर को 24,249 पहली पसंद के वोट मिले हैं। चुनाव से कुछ घंटे पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) गुट ने उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था। इसके बावजूद उन्हें मिले वोटों ने राजनीतिक हलकों में चर्चा छेड़ दी है। इस मामले में शरद पवार गुट की नेता और पूर्व सांसद विद्या चव्हाण की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि किसी को भी पार्टी से नहीं निकालना चाहिए और कार्यकर्ताओं को इस बार पार्टी पर बोझ नहीं डालना चाहिए। हालांकि, कराले मास्टर के बारे में उन्होंने विस्तार से कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। गौरतलब है कि नितेश कराले पर पार्टी अनुशासन तोड़ने और महाविकास आघाडी के आधिकारिक उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार करने के बजाय खुद चुनाव लड़ने का आरोप था। पार्टी का कहना था कि उनके चुनाव लड़ने से मतदाताओं के बीच यह भ्रम पैदा हो रहा था कि शरद पवार गुट उन्हें समर्थन दे रहा है।
निष्कासन के बाद भावुक हुए थे कराले मास्टर
पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद नितेश कराले ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया था, जिसमें वह भावुक होकर रोते नजर आए। उन्होंने कहा था कि वह शरद पवार का सम्मान करते हैं और उनसे बहुत कुछ सीखा है, लेकिन उनके खिलाफ की गई कार्रवाई उन्हें गलत लगती है। कराले ने आरोप लगाया था कि छह जिलों में अकेले काम करने के बावजूद उनके खिलाफ दबाव में कार्रवाई की गई। अब चुनाव में उन्हें 24,249 पहली पसंद के वोट मिलने के बाद उनके समर्थक उनके प्रदर्शन की चर्चा कर रहे हैं। वहीं, मतगणना के दौरान भाजपा के सुधाकर कोहले और कांग्रेस के अभिजीत वंजारी के बीच मुकाबला जारी रहा। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कोहले को 61,215 और वंजारी को 57,052 वोट मिले थे। इस तरह कोहले 4,163 वोटों से आगे थे। पहली पसंद के वोटों का निर्धारित कोटा किसी उम्मीदवार के हासिल नहीं करने के कारण दूसरी पसंद के वोटों की गिनती शुरू की गई थी।
शरद पवार के प्रभाव पर विद्या चव्हाण ने कही यह बात
शरद पवार गुट की पुणे से हर्षदा जाधव और छत्रपति संभाजीनगर से प्रताप सिंह पाटिल की जीत की संभावनाओं पर विद्या चव्हाण ने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि जो लोग मान रहे थे कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी खत्म हो गई है, उन्हें अब महाराष्ट्र में शरद पवार का प्रभाव समझ में आ गया होगा। चव्हाण के अनुसार, शिक्षित मतदाताओं वाले क्षेत्रों में भी पवार पर लोगों का भरोसा कायम है। उन्होंने चुनाव आयोग में गड़बड़ी होने के आरोपों का भी उल्लेख किया। कराले मास्टर को मिले वोटों और उनके निष्कासन पर चव्हाण की प्रतिक्रिया के बाद पार्टी के भीतर अनुशासन, कार्यकर्ताओं की भूमिका और स्थानीय स्तर पर राजनीतिक समर्थन को लेकर चर्चा तेज हो गई है।