टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: मुंबई क्राइम ब्रांच ने आरोपी प्रांजल ठाकरान को लेकर किए कई अहम खुलासे

    28-Oct-2026
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- लॉरेंस बिश्नोई गैंग के साथ स्थानीय अपराधियों की मदद मिली
- स्लीपर सेल से गैंग के सक्रिय सदस्य तक पहुंचा, मोबाइल से हथियारों वाली रील और कई वीडियो मिले

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मुंबई।
अभिनेता टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाकर की गई फायरिंग की घटना की जांच में मुंबई क्राइम ब्रांच ने आरोपी प्रांजल ठाकरान की कथित भूमिका को लेकर कई अहम खुलासे किए हैं। पुलिस की जांच के अनुसार, हरियाणा में छात्रसंघ चुनाव जीतने के दौरान प्रांजल को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े स्थानीय अपराधियों की मदद मिली थी। इसके बाद वह कथित तौर पर गैंग के संपर्क में आया और उसके लिए काम करने लगा। शुरुआत में वह स्लीपर सेल ऑपरेटिव के रूप में गैंग को सूचनाएं और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराता था। जांच एजेंसी के मुताबिक, समय के साथ उसकी गैंग के कथित मास्टरमाइंड अनिल पंडित से नजदीकियां बढ़ीं और वह आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने लगा। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि छात्र राजनीति से शुरुआत करने वाले प्रांजल का कथित आपराधिक नेटवर्क किस तरह विकसित हुआ और फायरिंग की साजिश में उसकी भूमिका कितनी अहम थी।

छात्रसंघ चुनाव से गैंग तक पहुंचने की कहानी

मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच के अनुसार, प्रांजल ने वर्ष 2025 में हरियाणा के हिंदू कॉलेज में छात्रसंघ अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा था। इस दौरान बिश्नोई गैंग से जुड़े स्थानीय अपराधियों ने कथित तौर पर उसकी मदद की। पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक, चुनाव जीतने के बाद प्रांजल गैंग के संपर्क में आया और उसके लिए काम करना शुरू कर दिया। शुरुआत में वह स्लीपर सेल के रूप में काम करते हुए गैंग को सूचनाएं देने और जरूरी सहयोग उपलब्ध कराने का काम करता था। बाद में अनिल पंडित के करीब आने के बाद उसकी भूमिका कथित तौर पर और बढ़ गई। जांच एजेंसी इस बात की पड़ताल कर रही है कि प्रांजल को गैंग में किस तरह की जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं और उसका अन्य आरोपियों के साथ संपर्क कैसे स्थापित हुआ।

शूटरों और हथियारों के नेटवर्क के बीच समन्वय का आरोप
जांच में सामने आया है कि अनिल पंडित ने कथित तौर पर प्रांजल को टाइगर श्रॉफ से जुड़ी फायरिंग की साजिश में शामिल लोगों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी थी। पुलिस के अनुसार, उसे शूटरों, हथियारों का इंतजाम करने वालों और अन्य सहयोगियों के बीच संपर्क बनाए रखना था। जांच एजेंसी का दावा है कि अवैध हथियारों की एक खेप अमृतसर पहुंचने के बाद प्रांजल ने अपने सहयोगियों, जिनमें कुनाल भी शामिल बताया गया है, को हथियार लेने के लिए भेजा था। पुलिस अब हथियारों की आपूर्ति से जुड़े नेटवर्क, आरोपियों के आपसी संपर्क और कथित साजिश में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि हथियार कहां से लाए गए और उनका इस्तेमाल किन आपराधिक गतिविधियों में किया जाना था।

हरियाणा में वसूली और हमले से जुड़े मामलों की भी जांच
क्राइम ब्रांच की जांच में प्रांजल का नाम हरियाणा के सोनीपत क्षेत्र में कारोबारियों से कथित वसूली और आपराधिक गतिविधियों के लिए लॉजिस्टिक्स जुटाने जैसे मामलों से भी जोड़ा गया है। जांच एजेंसी के अनुसार, मार्च 2026 में हरियाणा में हुए एक हमले के लिए हथियारों की आपूर्ति में भी उसकी कथित भूमिका सामने आई है। इसके अलावा, प्रांजल के मोबाइल फोन की जांच के दौरान पुलिस को सोशल मीडिया पोस्ट, हथियारों के साथ बनाई गई रील, कारतूसों की माला पहने हुए वीडियो और मारपीट से जुड़े कुछ क्लिप मिले हैं। शराब के साथ पार्टियों के वीडियो तथा पानीपत जेल के बाहर रिकॉर्ड किया गया एक वीडियो भी मिलने की जानकारी सामने आई है। पुलिस इन डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है, ताकि आरोपी की गतिविधियों और कथित आपराधिक संपर्कों के बारे में अधिक जानकारी जुटाई जा सके।

सभी आरोपियों पर मकोका के तहत कार्रवाई
फायरिंग मामले में संगठित आपराधिक गिरोह की कथित संलिप्तता के संकेत मिलने के बाद मुंबई क्राइम ब्रांच ने सभी आरोपियों के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत कार्रवाई शुरू की है। पुलिस ने मकोका की धारा 3(1)(ii), 3(2) और 3(4) के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जानकारी दी है। जांच एजेंसी का मानना है कि टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाकर की गई फायरिंग की घटना एक संगठित आपराधिक नेटवर्क की कथित साजिश का हिस्सा हो सकती है। फिलहाल पुलिस प्रांजल की पिछली गतिविधियों, हथियारों की आपूर्ति, अन्य आरोपियों से उसके संपर्क और कथित साजिश में उसकी भूमिका से जुड़े साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। मामले में जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी।