60% से बढ़कर 63% हुआ DA, बेसिक सैलरी के आधार पर तय होगा कर्मचारियों को मिलने वाला अतिरिक्त पैसा

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नई दिल्ली। दिवाली से पहले केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए राहत भरी खबर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 28 अक्टूबर को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में महंगाई भत्ते (DA) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई। इस फैसले के लिए सरकार ने 10,016 करोड़ रुपए के फंड को मंजूरी दी है। बढ़ोतरी के बाद केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 60% से बढ़कर 63% हो गया है। महंगाई के असर को कम करने के उद्देश्य से दिए जाने वाले इस भत्ते में वृद्धि से कर्मचारियों की मासिक आय में इजाफा होगा। वहीं, पेंशनर्स को महंगाई राहत (DR) में समान अनुपात में बढ़ोतरी का लाभ मिलने की स्थिति में उनकी पेंशन में भी राहत मिलेगी। त्योहार से पहले हुए इस फैसले से लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
क्या है महंगाई भत्ता, कैसे तय होता है इसका लाभ?
महंगाई भत्ता सरकारी कर्मचारियों को बढ़ती महंगाई के असर से राहत देने के लिए दिया जाता है। इसकी गणना कर्मचारी की बेसिक सैलरी के प्रतिशत के रूप में की जाती है। यानी DA की दर बढ़ने पर बेसिक सैलरी के अनुपात में मिलने वाली राशि भी बढ़ जाती है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी केंद्रीय कर्मचारी की बेसिक सैलरी 25,000 रुपए है, तो 60% की दर से उसे 15,000 रुपए महंगाई भत्ता मिलता है। अब 63% की दर से यह राशि बढ़कर 15,750 रुपए हो जाएगी। इस तरह कर्मचारी को हर महीने 750 रुपए अतिरिक्त मिलेंगे। यानी बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते को मिलाकर राशि 40,000 रुपए से बढ़कर 40,750 रुपए हो जाएगी। हालांकि, वास्तविक वेतन में अन्य भत्तों और कटौतियों के कारण अंतर हो सकता है।
साल में दो बार बदलती है DA की दर
केंद्र सरकार आमतौर पर कर्मचारियों के महंगाई भत्ते की दर में साल में दो बार बदलाव करती है। ये बदलाव जनवरी और जुलाई से प्रभावी होते हैं। जनवरी से लागू होने वाली बढ़ोतरी की घोषणा अक्सर मार्च या अप्रैल के आसपास होती है, जबकि जुलाई से लागू होने वाले संशोधन की घोषणा आमतौर पर सितंबर या अक्टूबर में की जाती है। DA की दर तय करने में महंगाई से जुड़े आंकड़ों और निर्धारित फॉर्मूले की भूमिका होती है। इसलिए हर बार बढ़ोतरी का प्रतिशत समान नहीं रहता। महंगाई भत्ते में बदलाव का उद्देश्य कर्मचारियों की क्रय शक्ति को बनाए रखने में मदद करना है, ताकि रोजमर्रा की वस्तुओं और सेवाओं की बढ़ती कीमतों का असर उनकी आय पर कम पड़े।
कोरोना काल में रुकी थी बढ़ोतरी, बाद में जारी हुईं किस्तें
पिछले वर्षों में महंगाई भत्ते की दर में कई बार संशोधन किया गया है। कोरोना महामारी के दौरान केंद्र सरकार ने जनवरी 2020 से जून 2021 तक की तीन अतिरिक्त DA किस्तों को रोक दिया था। बाद में जुलाई 2021 से महंगाई भत्ते में संशोधन फिर शुरू हुआ और दर में बढ़ोतरी की गई। इस दौरान कर्मचारियों और पेंशनर्स को महंगाई भत्ते तथा महंगाई राहत के संशोधन का लाभ मिला। अब 3 प्रतिशत की ताजा बढ़ोतरी से कर्मचारियों की मासिक आय में वृद्धि होगी। हालांकि, किसी कर्मचारी को कुल कितनी अतिरिक्त राशि मिलेगी, यह उसकी बेसिक सैलरी और लागू वेतन संबंधी नियमों पर निर्भर करेगा। त्योहार से पहले यह फैसला कर्मचारियों के घरेलू बजट को कुछ राहत देने वाला माना जा रहा है।