- 11,283 लोग बुखार से पीड़ित, डेंगू-मलेरिया को लेकर बढ़ी चिंता
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नागपुर। शहर में मच्छरों (Mosquito) के बढ़ते प्रकोप ने महानगरपालिका के स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। अगस्त और सितंबर में किए गए सर्वे में 26,454 घरों में मच्छरों का लार्वा पाया गया, जबकि 11,283 लोग बुखार से पीड़ित मिले। इन आंकड़ों के सामने आने के बाद डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों के फैलने की आशंका को देखते हुए मनपा ने रोकथाम के उपाय तेज कर दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने सर्वे के दौरान करीब 28.77 लाख घरों का निरीक्षण किया। इस दौरान लार्वा प्रभावित घरों में रखे 32,722 कंटेनरों में मच्छरों का प्रजनन पाया गया। स्वास्थ्यकर्मी प्रतिदिन औसतन करीब 400 घरों का निरीक्षण कर रहे हैं।
शहर में मिले 9.27 लाख संभावित ब्रीडिंग स्पॉट
सर्वे के दौरान शहरभर में मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल 9,27,990 संभावित स्थानों की भी पहचान की गई। इनमें घरों के आसपास जमा पानी, कंटेनर और अन्य स्थान शामिल हैं, जहां मच्छर पनप सकते हैं। महापौर नीता ठाकरे ने खाली प्लॉट के मालिकों को अपने परिसरों की नियमित सफाई रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि खाली प्लॉट में गंदगी और पानी जमा पाए जाने पर संबंधित मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मनपा प्रशासन प्रभावित इलाकों में इनडोर और आउटडोर फॉगिंग के साथ मच्छर नियंत्रण के अन्य उपाय भी कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लोगों को घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने के लिए जागरूक भी कर रही हैं।
फॉगिंग के कुछ दिन बाद फिर पनप रहे मच्छर
मनपा की कार्रवाई के बावजूद कुछ इलाकों में फॉगिंग के कुछ ही दिनों बाद दोबारा मच्छरों का प्रजनन सामने आने से अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। इससे प्रभावित क्षेत्रों में बुखार के मरीजों की संख्या आगे बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घरों में पानी जमा होने वाले स्थानों की नियमित जांच करने और कूलर, गमले, टंकियों, ड्रम व अन्य कंटेनरों की सफाई रखने की अपील की है। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि केवल फॉगिंग पर निर्भर रहने के बजाय मच्छरों के प्रजनन स्थलों को ही खत्म किया जाए, ताकि डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के प्रसार को नियंत्रित किया जा सके।