जंतर-मंतर प्रदर्शन: आतिशी और नेहा बोरा समेत 700 से अधिक हिरासत में, 12 मेट्रो स्टेशन बंद

    02-Oct-2026
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CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन, AAP और छात्र संगठनों के नेता हिरासत में

Atishi and Neha Bora
 Image Source:(Internet)
 
एबी न्यूज़ नेटवर्क। नई दिल्ली के जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पर शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने 700 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए लोगों में आम आदमी पार्टी (AAP) की नेता आतिशी, AAP नेताओं सौरभ भारद्वाज, संजीव झा और संजय सिंह के साथ-साथ AISA की कार्यकर्ता नेहा बोरा और विभिन्न छात्र संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक प्रदर्शनकारियों के कई समूह जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, जिन्हें अलग-अलग स्थानों पर रोककर हिरासत में लिया गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि करीब 700 SFI सदस्य अशोका रोड राउंडअबाउट के पास से जंतर-मंतर की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहे थे। इससे पहले हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या करीब 150 बताई गई थी, जो बाद में बढ़कर 700 से अधिक हो गई।
 
छात्र संगठनों ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
प्रदर्शन के दौरान AISA और अन्य छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर बल प्रयोग करने के आरोप लगाए। AISA से जुड़े एक कार्यकर्ता ने हिरासत में लिए जाने के दौरान कहा कि पुलिस कार्रवाई के बावजूद प्रदर्शन जारी रहेगा और CEC के इस्तीफे की मांग उठाई जाती रहेगी। SFI महासचिव आइशी घोष ने भी दावा किया कि SFI और DYFI के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर आंदोलन को रोका नहीं जा सकता। CPI(ML) लिबरेशन से संबद्ध AISA ने आरोप लगाया कि पुलिस की कार्रवाई का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठाने वाले लोगों को रोकना है। हालांकि, पुलिस की ओर से प्रदर्शन के दौरान चोटों और कार्रवाई को लेकर अलग-अलग दावों के बीच स्थिति का आकलन किए जाने की बात कही गई।
 
NSUI अध्यक्ष विनोद जाखड़ भी हिरासत में
प्रदर्शन में NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ समेत संगठन के कई कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया। जाखड़ को NSUI कार्यालय से जंतर-मंतर की ओर निकाले गए फुट मार्च के दौरान पुलिस ने हिरासत में लिया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि कई NSUI कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया और मार्च के दौरान पुलिस ने कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि लोगों के वोट की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों को लेकर संगठन का शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों के फिरोजशाह रोड पर बैरिकेड पार करने की तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए। वहीं, AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने पर सवाल उठाया। उनका कहना था कि जंतर-मंतर निर्धारित प्रदर्शन स्थल है और पार्टी ने करीब एक सप्ताह पहले अनुमति के लिए पत्र भी दिया था।
 
12 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट बंद, इंटरनेट सेवा भी प्रभावित
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। जंतर-मंतर, राजीव चौक और केंद्रीय सचिवालय समेत 12 मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों के प्रवेश और निकास को अस्थायी रूप से बंद किया गया। इसके अलावा जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में इंटरनेट सेवाएं भी प्रभावित रहीं। सुरक्षा कारणों से पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थल तक पहुंचने से रोकने के लिए कई जगह बैरिकेड लगाए। AAP और छात्र संगठनों ने इसे चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठाने के अधिकार से जोड़ते हुए विरोध जताया, जबकि पुलिस की ओर से प्रदर्शन को लेकर अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था का हवाला दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती के बीच प्रदर्शन, हिरासत और यातायात एवं मेट्रो सेवाओं पर लगाए गए प्रतिबंध चर्चा का केंद्र बने रहे।