- CJP का 2 अक्टूबर को प्रदर्शन, दिल्ली में 11 मेट्रो स्टेशनों के एंट्री-एग्जिट पर रोक
Image Source:(Internet)
मुंबई। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क (Shivaji Park) में प्रदर्शन का ऐलान किया। पुलिस की ओर से अनुमति नहीं दिए जाने के बावजूद पार्टी ने प्रदर्शन जारी रखने की बात कही। इसी बीच CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने मुंबई में लगाए गए प्रतिबंधों पर सवाल उठाते हुए दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान मेट्रो स्टेशनों पर लगाए गए प्रतिबंधों का हवाला दिया। दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि यदि शिवाजी पार्क में प्रदर्शन से आम लोगों को असुविधा होती है, तो दिल्ली में मेट्रो बंद करने का क्या मतलब है। दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन के मद्देनजर 11 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद किए गए थे।
मुंबई में सुरक्षा बढ़ी, शिवाजी पार्क पहुंचने लगे समर्थक
CJP ने मुंबई में शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की घोषणा की थी। मुंबई पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी। पुलिस के अनुसार शिवाजी पार्क में सार्वजनिक सभा को लेकर कानूनी और सुरक्षा संबंधी प्रतिबंध लागू हैं। इसके बावजूद CJP ने अपने समर्थकों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। प्रदर्शन से पहले शिवाजी पार्क क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाई गई और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। CJP की ओर से सोशल मीडिया पर समर्थकों के शिवाजी पार्क पहुंचने के वीडियो भी साझा किए गए। पार्टी ने अपने कानूनी सहायता दल की जानकारी भी साझा करते हुए कहा कि यदि किसी समर्थक को प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया जाता है, तो वह सूचीबद्ध कानूनी प्रतिनिधियों से संपर्क कर सकता है। शुक्रवार को शिवाजी पार्क में प्रदर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे होने की रिपोर्ट भी सामने आई।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR में बदलाव की मांग
CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के साथ मतदाता सूची की Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया पर रोक और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति में अधिक पारदर्शिता की मांग की है। दिल्ली में भी विभिन्न राजनीतिक और छात्र संगठनों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया था। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी और नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू किए। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कार्रवाई के दौरान 500 से अधिक लोगों को हिरासत में लिए जाने की रिपोर्ट सामने आई है। CJP ने अपने आंदोलन को देश के अन्य शहरों तक ले जाने की घोषणा की है। वहीं, निर्वाचन आयोग ने SIR और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों को कानूनी प्रक्रिया के तहत बताया है तथा हालिया विवादों के बीच मतदाता सूची अपडेट प्रक्रिया की समीक्षा के लिए कदम उठाए हैं।