हमले के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे कैप्टन स्मित माछर, PM मोदी से वीडियो कॉल पर सुनाया अनुभव

    02-Oct-2026
Total Views |
- मुश्किल घड़ी में हनुमान चालीसा का सहारा

Smit Machhar
 Image Source:(Internet)
 
एबी न्यूज़ नेटवर्क। फ्लाईदुबई विमान में हुए चाकूबाजी के हमले के दौरान घायल हुए भारतीय पायलट कैप्टन स्मित माछर (Smit Machhar) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वीडियो कॉल पर बातचीत के दौरान उस घटना का अपना अनुभव साझा किया। माछर ने बताया कि जब विमान के कॉकपिट में मुश्किल हालात पैदा हुए, तब वे हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे। उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि कठिन परिस्थितियों में हनुमान चालीसा का पाठ करना उनके लिए मानसिक संबल का माध्यम रहा है और हमले के दौरान भी उन्होंने यही किया। बातचीत के दौरान कैप्टन माछर भावुक हो गए। उन्होंने प्रधानमंत्री से बातचीत को अपने लिए बेहद खास पल बताया और कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें प्रधानमंत्री से बात करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने मोदी को अपना “सबसे बड़ा आदर्श” बताते हुए कहा कि इस बातचीत से उन्हें बेहद गर्व महसूस हुआ।
 
PM मोदी ने की साहस और सूझबूझ की सराहना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन माछर के साहस, धैर्य और मुश्किल समय में दिखाई गई सूझबूझ की सराहना की। उन्होंने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरा देश उनके लिए प्रार्थना कर रहा है। मोदी ने कहा कि भारत गर्व से कह सकता है कि उसके लोग दूसरों की जान लेने वाले नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने वाले हैं। प्रधानमंत्री ने कैप्टन की मां गीताबेन का भी जिक्र किया और उनके संस्कारों तथा शिक्षाओं की बात की। उन्होंने भगवद्गीता के संदर्भ में मां की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि परिवार से मिले संस्कार मुश्किल परिस्थितियों में व्यक्ति के व्यवहार को प्रभावित करते हैं। वीडियो कॉल के अंत में मोदी ने एक बार फिर कैप्टन के साहस और संयम की सराहना की।
 
“गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद नहीं खोया धैर्य”
प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले गुरुवार को भी कैप्टन स्मित माछर की बहादुरी की प्रशंसा की थी। उन्होंने कहा था कि हमले के दौरान गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद पायलट ने धैर्य और सूझबूझ के साथ स्थिति का सामना किया और बड़ी त्रासदी को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि उन्होंने कैप्टन के पिता भूपेंद्रभाई, मां गीताबेन और पत्नी सोनलबेन से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली थी। इस घटना के बाद कैप्टन माछर के साहस और विमान में मौजूद यात्रियों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों की चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके साहस से देशवासियों में गर्व की भावना है।
 
UAE अस्पताल में स्थिर, इलाज जारी
यूएई में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने भी कैप्टन माछर के स्वास्थ्य को लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अस्पताल में कैप्टन की हालत स्थिर है और वे अच्छी तरह रिकवर कर रहे हैं। मित्तल ने अस्पताल में उनके परिवार के साथ उनसे मुलाकात की। उनके अनुसार, माछर बातचीत कर रहे थे और चोटों के कारण कुछ असहजता के बावजूद उनका इलाज अच्छी चिकित्सा देखरेख में चल रहा है। भारतीय दूतावास भी यूएई के संबंधित अधिकारियों के लगातार संपर्क में है। राजदूत ने कैप्टन को “भारत का बहादुर बेटा” बताते हुए आपात स्थिति में उनके व्यवहार की प्रशंसा की। उनके मुताबिक, हमले के दौरान कैप्टन की कार्रवाई ने बड़ी संख्या में यात्रियों की सुरक्षा में भूमिका निभाई और एक बड़े हादसे को रोकने में मदद की।
 
इजरायली PM ने हमलावर के कट्टरपंथीकरण का दावा किया
इस बीच इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में दावा किया कि कैप्टन माछर पर हमला करने वाले को “कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा” के प्रभाव में लाया गया था। नेतन्याहू के अनुसार, हमलावर से पूछताछ की जा रही थी और इजराइली जांचकर्ता भी पूछताछ में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि शुरुआती जानकारी के अनुसार आरोपी ने कथित तौर पर कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा से जुड़ा वैचारिक प्रभाव ग्रहण किया था। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि या जांच के अंतिम निष्कर्ष इस विवरण में उपलब्ध नहीं हैं। पूरी घटना में कैप्टन माछर के घायल होने के बाद उनका उपचार जारी है, जबकि विमान में हुई घटना की जांच और उससे जुड़े तथ्यों को लेकर संबंधित एजेंसियां जानकारी जुटा रही हैं।