- आखिरी सेकंड तक चला मुकाबला, जजों का फैसला रहा करीबी
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एबी न्यूज़ नेटवर्क। एशियन गेम्स (Asian Games) में भारतीय बॉक्सिंग का शानदार प्रदर्शन जारी है। परवीन हुड्डा ने महिलाओं के 65 किलोग्राम वर्ग के बेहद रोमांचक फाइनल में चीन ताइपे की चेन निएन-चेन को 3-2 के स्प्लिट डिसीजन से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। दोनों मुक्केबाजों के बीच मुकाबला शुरुआत से ही कांटे का रहा और अंतिम क्षणों तक किसी को स्पष्ट बढ़त नहीं मिल सकी। दबाव भरे मुकाबले में परवीन ने अपना संयम बनाए रखा और निर्णायक मौकों पर सटीक पंच लगाए। जजों के करीबी फैसले ने मुकाबले की बराबरी को भी दर्शाया। आखिरकार 3-2 का फैसला परवीन के पक्ष में आया और उन्होंने एशियन गेम्स की चैंपियन बनकर भारत के खाते में एक और महत्वपूर्ण स्वर्ण पदक जोड़ दिया।
पहले राउंड में परवीन का दबदबा
परवीन ने फाइनल की शुरुआत सावधानी के साथ की, लेकिन कुछ ही समय में उन्हें मुकाबले में अपनी लय मिल गई। उन्होंने चेन के हमलों का जवाब तेज काउंटर पंचों और सही समय पर लगाए गए बॉडी शॉट्स से दिया। परवीन के पंच अधिक साफ और प्रभावी नजर आए, जिससे उन्होंने शुरुआती राउंड में बढ़त बना ली। खास बात यह रही कि पांचों जजों ने पहला राउंड परवीन के पक्ष में 10-9 से स्कोर किया। इस तरह पहले राउंड के बाद भारतीय मुक्केबाज को सभी पांच जजों के कार्ड पर बढ़त मिली। हालांकि परवीन इस बढ़त के बावजूद आक्रामकता में जल्दबाजी करने के बजाय अपनी दूरी बनाए रखने और सही मौके का इंतजार करने की रणनीति पर कायम रहीं।
दूसरे राउंड में चेन की वापसी, मुकाबला हुआ बराबर
दूसरे राउंड में चीन ताइपे की मुक्केबाज ने रणनीति बदली और परवीन पर दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया। परवीन ने जैब और बॉडी पर निशाना साधते हुए दूरी बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन चेन ने तेज 1-2 कॉम्बिनेशन के जरिए लगातार हमले किए। इस राउंड में चेन की पंचिंग अधिक प्रभावी रही और पांचों जजों ने दूसरा राउंड उनके पक्ष में दिया। इसके साथ ही मुकाबला 1-1 की बराबरी पर पहुंच गया। दूसरे राउंड के बाद फाइनल का रोमांच और बढ़ गया, क्योंकि अब खिताब का फैसला अंतिम राउंड के प्रदर्शन पर निर्भर था। दोनों मुक्केबाजों के बीच अंतर बेहद कम था और किसी भी छोटी गलती से मुकाबले का रुख बदल सकता था।
दबाव में नहीं टूटा हौसला, 3-2 से जीता गोल्ड
निर्णायक राउंड में चेन ने आगे बढ़कर लगातार दबाव बनाने की कोशिश की। इसके बावजूद परवीन ने जल्दबाजी नहीं की और अपने बचाव के साथ तेज काउंटर अटैक जारी रखा। उन्होंने कई मौकों पर सटीक कॉम्बिनेशन लगाकर जवाब दिया और मुकाबले के अंतिम क्षणों तक अपना फोकस बनाए रखा। दोनों खिलाड़ियों के बीच अंतिम दौर भी बेहद करीबी रहा और कोई निर्णायक बढ़त नहीं बना सका। ऐसे में मुकाबले का फैसला जजों के स्कोरकार्ड से हुआ। 3-2 के स्प्लिट डिसीजन से परवीन हुड्डा को विजेता घोषित किया गया। इस जीत के साथ उन्होंने महिलाओं के 65 किग्रा वर्ग का एशियन गेम्स गोल्ड मेडल अपने नाम किया और भारतीय बॉक्सिंग अभियान में एक और यादगार अध्याय जोड़ दिया।