- 21 साल की उम्र में ऐतिहासिक उपलब्धि
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एबी न्यूज़ नेटवर्क। एशियन गेम्स 2026 (Asian Games 2026) में भारतीय बॉक्सिंग के लिए शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक बन गया। महज 21 साल के हरियाणा के बॉक्सर अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। फाइनल में अंकुश ने दक्षिण कोरिया के मिनसोंग किम को 4-0 के फैसले से हराया। पूरे मुकाबले में भारतीय बॉक्सर ने अपने प्रदर्शन पर नियंत्रण बनाए रखा और तीनों राउंड में लगातार बढ़त हासिल की। इस जीत के साथ अंकुश एशियन गेम्स 2026 में पुरुष बॉक्सिंग में भारत को गोल्ड दिलाने वाले पहले मुक्केबाज बन गए। प्रतियोगिता से पहले उन्हें भारत की उभरती प्रतिभाओं में शामिल माना जा रहा था और फाइनल में उन्होंने दबाव के बीच दमदार प्रदर्शन कर अपनी क्षमता साबित की।
पहले राउंड से बनाई बढ़त, सेमीफाइनल में भी किया कमबैक
फाइनल मुकाबले में अंकुश ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज दिखाया। उन्होंने पहले राउंड में जजों के स्कोरकार्ड पर 4-1 से बढ़त बनाई। दूसरे राउंड में उनकी गति और सटीक पंच और प्रभावी नजर आए और उन्होंने यह राउंड सर्वसम्मत 5-0 से अपने नाम किया। तीसरे राउंड में मिनसोंग किम ने वापसी की कोशिश की, लेकिन अंकुश संयमित रहे और लगातार स्कोरिंग पंच लगाते रहे। उन्होंने अंतिम राउंड भी 4-1 से जीतते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। इससे पहले सेमीफाइनल में अंकुश का सामना उज्बेकिस्तान के एर्किनबोएव से हुआ था। वे पहले राउंड में 4-1 से पीछे थे, लेकिन दूसरे राउंड में 3-2 और अंतिम राउंड में 5-0 की बढ़त लेकर शानदार वापसी की थी।
एक ही दिन भारत की बॉक्सिंग में गोल्ड की हैट्रिक
अंकुश पंघाल की जीत ने एशियन गेम्स में भारतीय बॉक्सिंग के लिए एक और खास उपलब्धि जोड़ दी। उनका गोल्ड भारत के लिए दिन का तीसरा बॉक्सिंग गोल्ड रहा। इससे पहले लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किग्रा वर्ग और परवीन हुड्डा ने महिलाओं के 65 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीते। इस तरह भारतीय मुक्केबाजों ने एक ही दिन तीन गोल्ड मेडल जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। अंकुश की उपलब्धि इसलिए भी खास रही क्योंकि उनके स्वर्ण पदक ने 2026 एशियन गेम्स में पुरुष बॉक्सिंग में भारत के गोल्ड का खाता खोला। 21 वर्षीय मुक्केबाज की यह जीत भारतीय बॉक्सिंग के लिए ऐतिहासिक दिन के रूप में दर्ज हो गई।