- ‘चलो दिल्ली’ मार्च जारी रखने का ऐलान
- मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग पर अड़े कांग्रेस नेता

Image Source:(Internet)
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन के विरोध प्रदर्शन को जारी रखने का ऐलान किया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने दावा किया कि वह केंद्र सरकार के 200 अधिकारियों के संपर्क में हैं, जो उन्हें ज्ञानेश कुमार से जुड़ी जानकारियां दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं और उन्हें रात में नींद नहीं आती। राहुल गांधी ने कहा, “हमें ज्ञानेश कुमार से जुड़ी हर जानकारी मिल रही है। उन्हें रात में नींद नहीं आती। हम उन्हें छोड़ेंगे नहीं।” उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी एक राजनीतिक नेता के खिलाफ नहीं, बल्कि देश के लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की रक्षा के लिए है। राहुल गांधी ने विपक्ष के प्रदर्शन को व्यापक जन आंदोलन बताते हुए इसे आगे भी जारी रखने की बात कही।
‘यह शिव का तांडव है, कोई योजना नहीं बनाई’
राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार से इस्तीफे की मांग को लेकर पूछे गए सवाल पर अपनी बहन और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ हुई बातचीत का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “मैंने प्रियंका से कहा कि यह शिव का नृत्य है, यह शिव का तांडव है। इसकी कोई योजना नहीं है।” राहुल गांधी के अनुसार, पहले योजना बस से जाने और रास्ते में रोके जाने तक सीमित थी, लेकिन आगे की घटनाएं बिना पूर्व योजना के हुईं और विपक्ष अपने उद्देश्य में सफल रहा। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन में कोई भी शामिल हो सकता है। राहुल गांधी ने राजनीतिक दलों, आम नागरिकों, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से इंडिया गठबंधन के ‘चलो दिल्ली’ मार्च में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता भी चाहें तो इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं। जो लोग शारीरिक रूप से आंदोलन में शामिल नहीं हो सकते, वे भी मन से इसका समर्थन कर सकते हैं। यह मार्च दिल्ली के बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट की ओर बढ़ने वाला है।
‘मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर नहीं टिक पाएंगे’
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को सीधे चेतावनी देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वह इस पद पर बने नहीं रह पाएंगे। उन्होंने दावा किया कि लाखों लोग उनके आचरण पर सवाल उठा रहे हैं और यह सिलसिला रुकने वाला नहीं है। राहुल गांधी ने भ्रष्टाचार से संबंधित कथित जानकारियां होने का भी दावा किया, हालांकि प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन आरोपों के समर्थन में विस्तृत साक्ष्य प्रस्तुत किए जाने का उल्लेख नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं का पूरा खाका है और उन्हें इसकी जानकारी है। राहुल गांधी ने कहा, “हमारे पास नरेंद्र मोदी का पूरा ब्लूप्रिंट है। हमारे पास उनकी कुंडली है। उन्हें भी यह पता है और मुझे भी।” उन्होंने इस आंदोलन को संविधान बचाने की लड़ाई करार दिया और कहा कि यह राहुल गांधी या नरेंद्र मोदी के बारे में नहीं, बल्कि देश और संविधान के महत्व का सवाल है।
‘सीजेआई का सम्मान, सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करेंगे’
भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत द्वारा विपक्षी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात नहीं करने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष मुख्य न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट, दोनों का सम्मान करता है। उन्होंने कहा कि सीजेआई ने याचिका दाखिल करने का रास्ता सुझाया है और विपक्ष इस दिशा में आगे बढ़ेगा। राहुल गांधी ने कहा, “हम मुख्य न्यायाधीश का सम्मान करते हैं और सुप्रीम कोर्ट का भी सम्मान करते हैं। उन्होंने हमें आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया है। हम वहां जाएंगे और याचिका दाखिल करेंगे।” विपक्ष अब न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से अपनी बात रखने की तैयारी कर रहा है। वहीं, इंडिया गठबंधन ने स्पष्ट किया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ उसका राजनीतिक विरोध भी जारी रहेगा। इस पूरे घटनाक्रम के बीच चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, संवैधानिक संस्थाओं की जवाबदेही और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने के संकेत हैं।